दलहनी फसलो में आत्म निर्भरता बढ़ाना आवश्यक- प्रियंका पारीक

दलहनी फसलो में आत्म निर्भरता बढ़ाना आवश्यक- प्रियंका पारीक
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भीलवाड़ा । संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार के तत्वावधान में बुधवार को जिले के भादू ग्राम पंचायत के भालडिया खेड़ा गांव में दलहनी फसलों में आत्म निर्भरता बढ़ाने हेतु कृषक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया।

प्रशिक्षण शिविर में कृषि अधिकारी प्रियंका पारीक ने कहा कि भारत सरकार द्वारा दलहनी फसलों में राज्यों को आत्म निर्भर बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक "दलहन में आत्म निर्भरता मिशन" लागु किया गया है। कृषकों एवं कृषि विस्तार कार्मिकों की तकनीकी ज्ञान वृद्धि हेतु प्रशिक्षण एक आवश्यक माध्यम है। प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषकों के लिए कृषि से संबंधित आधुनिक पद्धतियों, तकनीकों और उन्नत प्रौद्योगिकी से सशक्त करने के लिए आवश्यक हैं। अनुसंधान एवं विकास योजनाओ के लाभ लाभार्थियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम विस्तार प्रणाली है। विस्तार की विभिन्न गतिविधियों को अपनाकर वास्तविक लाभार्थियों को उचित ज्ञान व जानकारी उपलब्ध कराकर लाभान्वित किया जा रहा है।

कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने कहा कि "दलहन में आत्म निर्भरता मिशन" रबी अन्तर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कृषकों को दलहनी फसलों की तकनीकी जानकारी देने एवं उत्पादन वृद्धि हेतु कृषि विभाग द्वारा सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है, उन्नत किस्म के बीज, उर्वरक प्रबन्धन, खरपतवार नियन्त्रण, की जानकारी दी जा रही है, दलहनी फसलों में प्रोटीन की मात्रा अधिक होने के कारण मानव स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है, कृषकों को अधिक से अधिक दलहनी फसलों के उत्पादन पर जोर दिया गया।

एग्री क्लिनिक के कृषि अनुसंधान अधिकारी जीतराम चौधरी ने कहा कि दलहनी फसलों में कीट एवं व्याधियों का प्रकोप कम होता है एवं कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त होने से कृषकों के जीवन स्तर में सुधार होता है, अतः क्षेत्र में अधिक से अधिक दलहनी फसले उगाने पर जोर दिया, कृषि पर्यवेक्षक कविता जाट ने दलहनी फसलों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला, इस अवसर पर गोपाल लाल,उदय लाल भील,लादू बलाई सहित अनेक कृषक मौजूद थे

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