6 से खुलेंगे स्कुल , जनवरी पढ़ाई से ज्यादा आयोजनों का महीना, शिक्षक संगठनों में बढ़ी चिंता

भीलवाड़ा। सर्दी की छुट्टियों के बाद 6 जनवरी से जिले के सरकारी स्कूलों में दोबारा शिक्षण कार्य शुरू होने जा रहा है, लेकिन इसी बीच शिक्षा विभाग की ओर से जारी जनवरी माह के आयोजन कैलेंडर ने शिक्षकों और स्कूल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस बार जनवरी का महीना पढ़ाई से ज्यादा आयोजनों और उत्सवों के नाम रहने वाला है।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी कैलेंडर में कई सांस्कृतिक और विशेष दिवस शामिल किए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख 22 जनवरी को मनाया जाने वाला विशेष उत्सव है, जो अयोध्या में पिछले वर्ष हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की स्मृति में सभी सरकारी स्कूलों में आयोजित किया जाएगा। विभाग का कहना है कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय भावना और नैतिक मूल्यों का विकास करना है।
कार्यक्रमों की शुरुआत 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती और युवा दिवस से होगी, जबकि समापन 30 जनवरी को शहीद दिवस के साथ किया जाएगा। विभागीय निर्देशों के अनुसार जनवरी महीने में कुल 13 अलग अलग आयोजन प्रस्तावित हैं। इनमें 26 जनवरी का गणतंत्र दिवस समारोह भी शामिल है। सभी संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि ये आयोजन शैक्षणिक गरिमा और अनुशासन के अनुरूप किए जाएं।
वहीं दूसरी ओर शिक्षक संगठनों ने इन आयोजनों को लेकर विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं और जनवरी का समय कोर्स रिवीजन और प्रैक्टिकल की तैयारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में लगातार आयोजनों से नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
शिक्षक नेताओं का यह भी कहना है कि कई स्कूल पहले से ही जर्जर भवनों से शिफ्टिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में उत्सवों की तैयारियों का अतिरिक्त दबाव शिक्षकों पर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि इतने अधिक आयोजनों से शैक्षणिक कैलेंडर गड़बड़ा सकता है, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों पर पड़ सकता है।
जनवरी में प्रस्तावित प्रमुख आयोजन इस प्रकार हैं
12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जयंती और युवा दिवस
13 जनवरी लोहड़ी उत्सव
14 जनवरी मकर संक्रांति उत्सव
15 जनवरी करियर दिवस
22 जनवरी प्रभु रामलला प्राण प्रतिष्ठा दिवस
23 जनवरी नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती, देशप्रेम दिवस, वसंत पंचमी और सरस्वती जयंती
24 जनवरी सूर्य नमस्कार दिवस और राष्ट्रीय बालिका दिवस
26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच इस मुद्दे पर कोई समाधान निकलता है या नहीं और इसका छात्रों की पढ़ाई पर कितना असर पड़ता है।
