भीलवाड़ा में बनेगा लॉजिस्टिक पार्क:टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलेगी रफ्तार, सड़कों के लिए 10,400 करोड़ मिलेंगे

भीलवाड़ा में बनेगा लॉजिस्टिक पार्क:टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलेगी रफ्तार, सड़कों के लिए 10,400 करोड़ मिलेंगे
X

भीलवाड़ा। राजस्थान सरकार के 11 फरवरी 2026 को पेश बजट (2026-27) में भीलवाड़ा को औद्योगिक और आधारभूत ढांचे के लिहाज से बड़ी सौगातें मिली हैं।

जिले में 400 करोड़ रुपए के प्रावधान के साथ लॉजिस्टिक पार्क की घोषणा की गई है, जबकि राज्यभर में 10,400 करोड़ रुपये से सड़कों की मरम्मत और यातायात सुधार का लाभ भी भीलवाड़ा को मिलेगा।

इसके अलावा व्यावसायिक शिक्षा, नई भर्तियों, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा और बिजली-पेयजल योजनाओं का भी सीधा फायदा जिले को होगा।

भीलवाड़ा में बनेगा लॉजिस्टिक पार्क

भीलवाड़ा के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बजट में लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने की घोषणा की गई है।

बजट प्रावधान: बाड़मेर, ब्यावर और भीलवाड़ा के लिए संयुक्त रूप से 400 करोड़ रुपए।

उद्देश्य: टेक्सटाइल उद्योग और अन्य उत्पादों की आवाजाही को आसान बनाना।

फायदा: परिवहन लागत घटेगी, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी।

टेक्सटाइल हब के रूप में पहचान रखने वाले भीलवाड़ा के लिए यह परियोजना आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दे सकती है।

सड़कों और यातायात में सुधार पर जोर

भीलवाड़ा शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया गया है।

10,400 करोड़ रुपए राज्यभर में क्षतिग्रस्त और ‘नॉन-पैचेबल’ सड़कों की मरम्मत के लिए आवंटित।

इससे भीलवाड़ा की जर्जर सड़कों के सुधार की राह खुलेगी।

रिंग रोड और बाईपास जैसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देने से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

शिक्षा और युवाओं के लिए अवसर

बजट में युवाओं और विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

500 नए स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी, जिनमें भीलवाड़ा के चयनित सरकारी स्कूल शामिल होंगे।

राज्य स्तर पर नई सरकारी भर्तियों की घोषणा से भीलवाड़ा के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

टेक्सटाइल उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत

राज्य सरकार ने केंद्र के ‘PM MITRA मेगा टेक्सटाइल पार्क’ को राजस्थान में लाने के लिए पूरा सहयोग देने और दावा पेश करने की बात कही है।

यदि यह परियोजना भीलवाड़ा को मिलती है, तो कपड़ा उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और निवेश के अवसर मिल सकते हैं।

आमजन को भी राहत: बिजली- पेयजल

150 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना का दायरा बढ़ाने और सोलर पैनल को बढ़ावा देने की घोषणा।

‘हर घर नल’ योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पाइपलाइन कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

बजट में बड़ी घोषणाएं

जलदाय विभाग में 3 हजार संविदा कर्मियों की नियुक्ति की घोषणा की गई है।

करीब 6,500 गांवों को ‘हर घर नल–हर घर जल’ योजना से जोड़ा जाएगा।

साथ ही लगभग 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन जारी किए जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 1,800 करोड़ रुपए की लागत से नई सड़कें और पुल बनाए जाएंगे।

अगले वर्ष 15 नए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और अंडरब्रिज (RUB) का निर्माण होगा।

हाईवे पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रदेशभर में 2 हजार कैमरे लगाए जाएंगे।

गर्मी के दौरान पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 600 नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे।

समर कंटिजेंसी के तहत प्रत्येक कलेक्टर को 1-1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

प्रत्येक जिले में ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ स्थापित किए जाएंगे।

कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए ई-वाउचर के माध्यम से 20 हजार रुपए तक की सहायता दी जाएगी।

कक्षा 1 से 8वीं तक के 40 लाख विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए 250 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

सभी सरकारी स्कूलों में शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।

ग्राम पंचायत स्तर पर यूथ गेम्स आयोजित किए जाएंगे।

सभी शहरी निकायों में स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण और अनुदान दिया जाएगा।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर प्रदेश में ‘राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी’ की स्थापना की जाएगी।

कॉलेज विद्यार्थियों के लिए ‘ड्रीम प्रोग्राम’ शुरू किया जाएगा।

नशे के खिलाफ ‘राज सवेरा’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत नशा प्रभावित युवाओं का उपचार और पुनर्वास किया जाएगा।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रत्येक जिले में इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे।

गंभीर मरीजों के इलाज के लिए नई योजना

गंभीर मरीजों और सड़क दुर्घटना के मामलों में त्वरित उपचार के लिए ‘राज सुरक्षा’ नाम से नई योजना शुरू की जाएगी।

हाईवे पर रेस्ट सेंटर्स पर एंबुलेंस तैनात की जाएंगी, ताकि एक्सीडेंट के मामलों में तुरंत इलाज मिल सके।

आत्महत्याएं रोकने और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए ‘राज ममता’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेंटर खोले जाएंगे।

कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग के लिए काउंसलर भेजे जाएंगे।

हर ग्राम पंचायत में आरोग्य शिविर लगाए जाएंगे।

जिन मरीजों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं होंगे, उन्हें भी मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।

अस्पताल में मृत्यु होने पर पार्थिव देह को घर तक निःशुल्क पहुंचाने के लिए ‘मोक्षवाहिनी योजना’ शुरू की जाएगी।


Tags

Next Story