मांडल: जनप्रतिनिधियों के समर्थन में उतरा सर्व समाज, झूठे आरोपों के खिलाफ प्रदर्शन

मांडल (सोनिया सागर)। ग्राम पंचायत मांडल के सरपंच और 35 वार्ड पंचों पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों ने अब तूल पकड़ लिया है। निजी स्वार्थ और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित होकर जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने के प्रयासों के विरोध में आज मांडल कस्बे का सर्व समाज लामबंद नजर आया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ अतिक्रमणकारियों और असामाजिक तत्वों द्वारा प्रशासन को गुमराह कर कस्बे का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
नीलकंठ महादेव मंदिर से निकली आक्रोश रैली
ग्राम हित और सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए विभिन्न संगठनों और सर्व समाज के बैनर तले नीलकंठ महादेव मंदिर से एक विशाल रैली निकाली गई। रैली में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और विशेष रूप से महिलाओं ने भाग लेकर एकजुटता का परिचय दिया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय कूच किया और उपखंड अधिकारी संजना जोशी को ज्ञापन सौंपा।
करोड़ों के गबन के आरोपों को बताया निराधार
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि सरपंच और वार्ड पंचों पर बिना किसी प्रमाण के करोड़ों रुपये के गबन के आरोप लगाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह निराधार हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। जनप्रतिनिधियों के समर्थकों का कहना है कि यह सब केवल विकास कार्यों में बाधा डालने और व्यक्तिगत वैमनस्यता निकालने के लिए किया जा रहा है।
पुलिस थाने में रिपोर्ट, गिरफ्तारी की मांग
रैली के पश्चात प्रदर्शनकारी मांडल थाने पहुंचे, जहां थाना प्रभारी (प्रशिक्षषु आईपीएस) आयुष श्रोत्रीय को लिखित रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट में राकेश सारस्वत, रजिया बानू और अन्य 15-20 लोगों के खिलाफ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने तथा सरपंच से 25 लाख रुपये की मांग करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आग्रह किया है।
