मांडलगढ़ विधायक ने विधानसभा में उठाई क्षेत्र के विकास की गूँज; ऐतिहासिक धरोहरों और जन-सुविधाओं के लिए रखीं विशेष माँगे

आकोला( रमेश चंद्र डाड)राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 के दौरान मांडलगढ़ विधायक ने अपने क्षेत्र की जनता की आवाज़ को प्रखरता से सदन के पटल पर रखा। विधायक ने मांडलगढ़ की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को लेकर महत्वपूर्ण माँगे प्रस्तुत कीं।
मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र हेतु प्रमुख माँगे:
विधायक ने मांडलगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया:
ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण: विश्व प्रसिद्ध मांडलगढ़ किले के जीर्णोद्धार, तोपखाना, कचहरी, रामद्वारा की मरम्मत, संग्रहालय निर्माण और ऐतिहासिक सागर-सागरी बावड़ी के संरक्षण की माँग रखी। साथ ही महाराणा सांगा और महाराणा प्रताप स्मारक निर्माण का आग्रह किया।
धार्मिक पर्यटन: ऐतिहासिक सिंगोली चारभुजा नाथ मंदिर के नवनिर्माण और विकास कार्य को प्राथमिकता देने की बात कही।
प्रशासनिक एवं न्यायिक विस्तार: मांडलगढ़ में ADJ कोर्ट की स्थापना और बड़लियास उप-तहसील को पूर्ण तहसील में क्रमोन्नत करने की माँग की।
स्वास्थ्य सेवाएँ: नंदराय और बरूंदनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बदलने तथा क्षेत्र के अन्य उप-स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिक केंद्रों में क्रमोन्नत करने का प्रस्ताव रखा।
रोजगार और खनन नीति: युवाओं के रोजगार के लिए सैंडस्टोन (Sandstone) खनन क्षेत्र हेतु ऐसी नीति बनाने की माँग की जिससे अवैध खनन रुके और स्थानीय लोगों को काम मिले।
विद्युत सुधार: मानपुरा में सहायक अभियंता कार्यालय खोलने और आरोली व श्रीनगर में 33 KV GSS की स्थापना की माँग उठाई।
बजट 2026-27 का समर्थन:
क्षेत्रीय माँगों के साथ विधायक ने राज्य के ₹6,10,956 करोड़ के ऐतिहासिक बजट का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए ₹25,000 करोड़ के प्रावधान और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर ₹12,000 किए जाने को ऐतिहासिक कदम बताया। विधायक ने मांडलगढ़ और बिजौलिया को जिला अस्पताल की सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया।
विधायक ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में यह बजट मांडलगढ़ सहित पूरे राजस्थान को प्रगति के नए सोपान पर ले जाएगा।
