संस्कृत शिक्षा में अधिशेष समायोजन का स्वागत, माध्यमिक शिक्षा में नए स्टाफिंग पैटर्न को जल्द लागू करने की मांग

भगवानपुरा ( कैलाश शर्मा ) अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने बताया कि नए शिक्षा सत्र के साथ ही संस्कृत शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी शिक्षकों का अधिशेष समायोजन किया गया है। प्रदेश में लेवल वन और लेवल सैकंड के 573 अधिशेष तृतीय श्रेणी शिक्षकों को रिक्त पदों पर अन्य स्कूलों में पदस्थापन दिया गया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ छात्र हित मे लिए गए इस फैसले का स्वागत करता है, इससे संस्कृत शिक्षा में विद्यालयों को पर्याप्त शिक्षक मिल सकेंगे। और नामांकन में भी वृद्धि होगी महासंघ मुख्यमंत्री एवम् शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करता है।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने बताया कि 10 साल पहले माध्यमिक शिक्षा में करीब 20 लाख विद्यार्थी नामांकित थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या 50 लाख से अधिक हो चुकी है। वर्तमान में लगभग 19000 उच्च माध्यमिक विद्यालय है जिनमें नामांकन के अनुपात में शिक्षक संख्या कम होने से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही हैं,सरकार को माध्यमिक शिक्षा में नए सत्र से पूर्व नया स्टाफिंग पैटर्न शीघ्र लागू कर तृतीय श्रेणी, द्वितीय श्रेणी एवं व्याख्याता के रिक्त पदों को शीघ्र भरने का काम करना चाहिए। उन्होंने 31 मार्च 2023 या वर्तमान नामांकन को आधार मानकर पदों के पुनर्निर्धारण, पदों में वृद्धि, 15,000 नई नियुक्तियों और प्रत्येक विद्यालय में सेकंड ग्रेड के न्यूनतम 5 पदों ( हिंदी,अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान सहित)को सुरक्षित करने की बात कही।

इस अवसर पर शैक्षिक महासंघ के प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, उपाध्यक्ष महिला सुषमा विश्नोई,प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह,महिला मंत्री गीता जैलिया,अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल,कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारीयों ने संस्कृत शिक्षा में अधिशेष समायोजन द्वारा तृतीय श्रेणी अध्यापकों के पदस्थापन का स्वागत करते हुए इसे शिक्षा एवं विद्यार्थी हित में नए सत्र से पूर्व माध्यमिक शिक्षा में भी शीघ्र लागू कर रिक्त पदों को भरने की मांग की ।

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