नंदी को मुक्त कराने पर युवक व परिजनों से मारपीट, कार्रवाई की मांग को लेकर मांडलगढ़ एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

मांडलगढ़ (रमेश चन्द डाड)। उपखण्ड क्षेत्र के भांड का खेड़ा गांव में एक बेजुबान नंदी की जान बचाना एक युवक और उसके परिवार को भारी पड़ गया। नंदी को बंधन मुक्त करने से नाराज दबंगों द्वारा घर में घुसकर की गई बेरहमी से मारपीट के मामले में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को गौ रक्षा दल और ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन के अनुसार, 27 फरवरी को गांव के ही राधेश्याम पिता बद्रीलाल भांड ने अपने बाड़े में एक नंदी (सांड) को पैर, गर्दन और सींगों से बांधकर भूखा-प्यासा पटक रखा था। तड़पते गोवंश को देख लोकेश पिता गोपाल लाल भांड को दया आ गई और उसने 28 फरवरी को नंदी को बंधन मुक्त कर दिया।
घर में घुसकर किया हमला
नंदी को छुड़ाने की बात जब राधेश्याम को पता चली, तो उसने तैश में आकर कहा कि "हमने नंदी को मुश्किल से बांधा था, इसे मरने देते, तूने क्यों खोला?" इसी रंजिश के चलते रात करीब 11 बजे राधेश्याम, भैरू पिता देवीलाल सहित 6 नामजद आरोपियों ने एकराय होकर लोकेश के घर में अनाधिकृत प्रवेश किया और परिजनों के साथ लाठी-डंडों से गंभीर मारपीट की।
घायल भीलवाड़ा रेफर, पुलिस कार्रवाई पर सवाल
हमले में लोकेश के जीजा को गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मांडलगढ़ से भीलवाड़ा रेफर किया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि घटना के बाद मांडलगढ़ थाने में रिपोर्ट दी गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार अब दहशत में है और उन्हें जान-माल का खतरा सता रहा है।
न्याय की गुहार
गौ रक्षा दल और भांड का खेड़ा के ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी से मांग की है कि नामजद आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
