MG हॉस्पिटल में हाईकोर्ट के आदेशों की धज्जियां: एम्बुलेंस हटाने पर पुलिसकर्मी को दी धमकी, बोला- 'माहोल खराब करना है तो थाने ले चलो'
भीलवाड़ा। शहर के महात्मा गांधी (MG) अस्पताल में हाईकोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद प्राइवेट एम्बुलेंस माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। अस्पताल के आपातकालीन गेट के बाहर कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक एम्बुलेंस चालक ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ न केवल बदतमीजी की, बल्कि सरेआम अपनी धौंस जमाते हुए उसे कार्य करने से रोका।
क्या है पूरा मामला?
अस्पताल के इमरजेंसी गेट के बाहर अवैध रूप से खड़ी प्राइवेट एम्बुलेंस के कारण गंभीर मरीजों और अन्य एम्बुलेंस के आवागमन में भारी बाधा उत्पन्न हो रही थी। जब मौके पर तैनात पुलिसकर्मी ने एम्बुलेंस को वहां से हटाने के लिए कहा, तो चालक आपा खो बैठा और वर्दी का अपमान करने लगा।
हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना और दबंगई
उल्लेखनीय है कि माननीय हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि अस्पताल परिसर के भीतर अवैध रूप से प्राइवेट एम्बुलेंस की पार्किंग नहीं होगी, इसके बावजूद एमजी हॉस्पिटल परिसर में यह खेल बदस्तूर जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में चालक की दबंगई साफ देखी जा सकती है। चालक ने पुलिसकर्मी को चुनौती देते हुए कहा कि "अगर शहर का माहौल खराब करना है तो मुझे थाने ले चलो
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