एमजीएच अस्पताल की लिफ्ट बंद होने से बढ़ी मरीजों की मुश्किल

भीलवाड़ा। जिले के सबसे बड़े राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां पिछले एक सप्ताह से मुख्य लिफ्ट बंद पड़ी है, जिससे अस्पताल की रोजमर्रा की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। खासकर गंभीर और हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को इसका सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
सीसीयू तक मरीजों को पहुंचाने का यह प्रमुख साधन बंद होने से अस्पताल की आपात सेवाएं भी सुस्त नजर आ रही हैं। गंभीर हालत में लाए गए मरीजों को स्ट्रैचर पर रैंप या सीढ़ियों के सहारे ऊपर ले जाना पड़ रहा है, जिससे इलाज में देरी हो रही है और मरीजों की जान पर खतरा बढ़ गया है।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में हर पल जिंदगी और मौत के बीच का फर्क तय करता है, लेकिन लिफ्ट बंद होने से वह अमूल्य समय जाया हो रहा है, जिसे वापस नहीं लाया जा सकता। लिफ्ट पर लगा यह संदेश कि यह सुविधा केवल गंभीर मरीजों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, फिलहाल महज औपचारिकता बनकर रह गया है।
लिफ्ट बंद होने का असर बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
