सुविधाओं के अभाव में इलाज को तरसते पुरवासी

पुर। उपनगर पर के चार वार्डो की करीब 50 हजार की आबादी एवं आसपास के गांव एवं खेड़ों की जनता करीब 10 किलोमीटर के एरिया में एकमात्र हॉस्पिटल होने के बावजूद यहां पर्याप्त सुविधाओं की कमी होने से इलाज के लिए तरस रहे हैं और छोटी से छोटी बीमारी के लिए भी 10 से 15 किलोमीटर दूर भीलवाड़ा इलाज के लिए भागना पड़ रहा है। पुर का एकमात्र राजकीय चिकित्सालय कहने को तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत हो गया है लेकिन वर्तमान चिकित्सालय में पूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है जिस कारण यह आने वाले मरीजों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। औसतन एक दिन में करीब 300 से अधिक ओपीडी की पर्चियां कटने के बावजूद यहां प्राथमिक सुविधाओं के कमी। वही गर्भवती महिलाओं के लिए भी किसी महिला चिकित्सा अधिकारी के नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को भी बार-बार भीलवाड़ा भटकना पड़ता है वहीं आसपास के गांवों के लोगों व महिलाओं को भी बार-बार भीलवाड़ा जाना आना पड़ता है। वर्तमान चिकित्सालय में रात्रि में किसी चिकित्साधिकारी की नियुक्ति नही होने से किसी भी मरीज को रात्रि में परेशानी होने पर भीलवाड़ा ही जाना पड़ रहा है। इतनी बड़ी जनसंख्या वाले गांव में एकमात्र हॉस्पिटल में सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामवासी भारी समस्या से परेशान हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा चिकित्सालय तो क्रमोन्नत तो कर दिया गया है लेकिन न पूरा स्टाफ है और न ही सुविधाएं ही पूरी है। इतनी बड़ी जनसंख्या वाला गांव होने के बावजूद यहां सेटेलाइट हॉस्पिटल की व्यवस्था नही होने से ग्रामवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा पर्याप्त सुविधा के अभाव में बड़ी दुर्घटना होने पर भीलवाडा पहुचने से पहले ही मरीज रास्ते मे दम तोड़ देते है।
