विद्युत विभाग की लापरवाही से किसान की फसल पर संकट, मीटर जांच के नाम पर छह माह से अटका मामला

भीलवाड़ा। पुर उपनगर के एक किसान का कृषि विद्युत कनेक्शन विभागीय खींचतान और लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। मीटर खराब होने और अत्यधिक बिल राशि आने की शिकायत के बावजूद समय पर कार्रवाई न होने से अब किसान की लहलहाती फसल सूखने की कगार पर है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान के कृषि कनेक्शन (मीटर क्रमांक 110212019399) में तकनीकी खराबी के कारण बिल की राशि अप्रत्याशित रूप से बढ़कर आई थी। किसान ने इसकी लिखित शिकायत करते हुए लैब जांच की मांग की और 11 अगस्त 2025 को निर्धारित शुल्क जमा करवाकर रसीद प्राप्त की। इसके पश्चात 'सिक्योर' कंपनी द्वारा मीटर को जांच के लिए लैब भेज दिया गया।
नियमों की अनदेखी का आरोप
किसान का आरोप है कि नियमानुसार जांच रिपोर्ट आने तक उपभोक्ता को विवादित राशि जमा करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता और न ही कनेक्शन काटा जा सकता है। लेकिन, छह माह बीत जाने के बाद भी लैब रिपोर्ट का कहीं पता नहीं है। हद तो तब हो गई जब फसलों को पानी की सख्त जरूरत के समय, शनिवार 28 फरवरी 2026 को बिना किसी ठोस आधार के किसान का कनेक्शन काट दिया गया।
आर्थिक नुकसान की आशंका, किसानों में रोष
फसल सूखने के डर से किसान अब आर्थिक बर्बादी की आशंका जता रहा है। किसान ने सवाल उठाया है कि जब विभाग ने खुद अब तक जांच रिपोर्ट पेश नहीं की, तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई किस आधार पर की गई? इस मामले को लेकर क्षेत्र के अन्य किसानों में भी भारी रोष व्याप्त है। किसान ने उच्चाधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र रिपोर्ट जारी करने और कनेक्शन बहाल करने की गुहार लगाई है।
