लाडपुरा में चारभुजानाथ मंदिर प्रांगण परिसर में पारंपरिक वेशभूषा में गैर नृत्य की धूम, लोक संस्कृति की झलक

लाडपुरा ( शिव लाल जांगिड़ ) कस्बे में स्थित भगवान श्री चारभुजा नाथ मंदिर प्रांगण परिसर में ग्रामीणों द्वारा चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मंगलवार से पारंपरिक गैर नृत्य का आयोजन शुरू हुआ। ढोल की थाप से पूरा परिसर भक्ति में रंग गया। ग्रामवासियों ने रात्रि 8 बजे से इस रंगीन आयोजन में भाग लिया और देवी की भक्ति में झूम उठे। इसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवाओं और पुरुषों ने गोल घेरा बनाकर गैर नृत्य प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से चारभुजा नाथ मंदिर प्रांगण परिसर पर पांच दिवसीय गैर नृत्य की शुरुआत मंगलवार रात्रि से हुई, जिसमें ग्रामीणों ने भाग लिया। इस रंगारंग आयोजन में गांव के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पारंपरिक वेशभूषा में गैर नृत्य कर लोक संस्कृति की झलक पेश की। इस आयोजन ने सभी को एक साथ लाया और आनंद का पल प्रदान किया। गांव में करीब दस वर्षों से बंद हुए इस राजस्थानी परंपरा के लोक नृत्य का फिर से आयोजन किया गया, जिसका समापन दशमी शनिवार रात्रि को होगा। गैर नृत्य टीम ने श्री चारभुजा मंदिर पर पारंपरिक गैर नृत्य कला का आयोजन किया। गैर नृत्य का एक पारंपरिक लोक नृत्य है, जो नवरात्रि के दौरान किया गया। इसमें युवाओं और पुरुषों एक घेरे में खड़े होकर नृत्य करते हैं। इसमें युवा पीढ़ी ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, गैर नृत्य के दौरान पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की गूंज और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे ग्रामीणों ने समा बांध दिया। मंदिर परिसर में गेर नृत्य की धूम है! यह एक पारंपरिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें ग्रामीण बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मंदिर परिसर तो भक्ति के रंगों से गूंज उठा। गैर नृत्य की धूम तो वाकई देखने व ग्रामीणों का उत्साह और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते युवाओं पुरुषों की जोड़ी। गैर नृत्य को देखने के लिए ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहे।
