भीलवाड़ा में एलपीजी का खुला खेल: कालाबाजारी में भीलवाड़ा 'टॉप-5' में!

भीलवाड़ा में एलपीजी  का खुला खेल:  कालाबाजारी में भीलवाड़ा टॉप-5 में!
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भीलवाड़ा। प्रदेश में चल रहे भीषण एलपीजी संकट के बीच आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन कालाबाजारियों के लिए यह आपदा भी 'अवसर' बनकर आई है। जहां एक ओर मंत्री और विभाग के प्रमुख सचिव समीक्षा बैठकों में गैस कंपनियों के आला अफसरों के साथ मिलकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं कि कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है, वहीं ज़मीनी हकीकत इन दावों की धज्जियां उड़ा रही है। विभागीय रिपोर्ट ने ही इन सरकारी दावों की पोल खोल दी है।

सरकारी रिपोर्ट ने ही खोली पोल

एलपीजी संकट के बीच 11 से 24 मार्च तक विभाग के स्तर पर तैयार हुई एक गुप्त रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि मंत्री और अधिकारियों के दावे महज कागजी हैं और प्रदेशभर में, विशेषकर भीलवाड़ा में, घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी का खेल धड़ल्ले से जारी है।

कालाबाजारी में भीलवाड़ा 'टॉप-5' में!

इस रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतों के मामले में जयपुर 119 शिकायतों के साथ पहले नंबर पर है। शेखावाटी के सीकर और झुंझुनूं क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। वहीं, भीलवाड़ा जिला 58 शिकायतों के साथ प्रदेश में पांचवें नंबर पर है। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि एलपीजी संकट के दौरान विभाग कालाबाजारी को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।

अवैध रिफिलिंग के 'ठीये' वालों के हौसले बुलंद: "ऊपर ज्यादा देना पड़ रहा है"

शहर में अवैध रिफिलिंग का कारोबार भी जोरों पर है। सूत्र बताते हैं कि अवैध रिफिलिंग करने वालों ने भी अब अपने रेट बढ़ा दिए हैं। जब उनसे बढ़ी हुई कीमतों का कारण पूछा जाता है, तो उनका सीधा और बेबाक जवाब होता है: "ऊपर ज्यादा देना पड़ रहा है।" यह "ऊपर" कौन है, यह जांच का विषय है, लेकिन इस बयान ने सीधे तौर पर विभागीय मिलीभगत और भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर दिया है। पुराने शहर के लोगों की भी शिकायतें हैं कि सिलेंडरों से गैस निकाली जा रही है, जिससे उन्हें कम गैस मिल रही है।

प्रशासन बेबस या मिलीभगत?

हालांकि जिला रसद अधिकारी कार्यालय की स्पेशल टीमें कुछ कार्रवाई करती दिखती हैं, लेकिन ये कार्रवाइयां ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। इतनी बड़ी संख्या में शिकायतों का आना और भीलवाड़ा का 'टॉप-5' में होना यह साबित करता है कि भीलवाड़ा एलपीजी संकट के दौरान कालाबाजारी का एक बड़ा "गढ़" बन चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेशभर में बुकिंग नहीं होने की 7122 और कालाबाजारी की 1319 शिकायतें मिली हैं। इनमे भीलवाड़ा की 419 शिकायते सामने आई हे यह स्थिति चिंताजनक है ? आम जनता आखिर कब तक इस दोहरी मार को झेलती रहेगी?

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