भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में मरीजों की जान जोखिम में!
भीलवाड़ा (सम्पत माली)। जिले के सबसे बड़े अस्पताल महात्मा गांधी में मरीजों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यहां बरामदों की हालत इतनी जर्जर हो गई है कि कभी भी हादसा हो सकता है। आउटडोर में कमरा नंबर 10, इंजेक्शन रूम के बाहर, एक्सरे रूम के बाहर और महिला मेडिकल वार्ड वाली गली में दीवारों और छतों से प्लास्टर गिर रहा है, जो मरीजों और उनके परिजनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
यह समस्या नए सिरे से नहीं है, बल्कि गत वर्ष भी इसी कारण से वार्ड में भर्ती एक मरीज के सिर पर प्लास्टर गिर गया था। इसके बावजूद, अस्पताल प्रशासन द्वारा इस मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जो मरीजों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। यह सवाल खड़ा होता है कि क्या अस्पताल प्रशासन मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है या नहीं?
मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह बहुत बड़ा खतरा है और उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर अस्पताल में इलाज कराना पड़ रहा है। यह समय है जब अस्पताल प्रशासन को इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देना चाहिए और बरामदों की मरम्मत करानी चाहिए, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
