तिरुपति बालाजी मंदिर में पाटोत्सव भव्य श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न

तिरुपति बालाजी मंदिर में पाटोत्सव भव्य श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न
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भीलवाड़ा। तिरुपति बालाजी मंदिर में स्थापना के पंद्रह वर्षों से अनवरत बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित होने वाला पाटोत्सव इस वर्ष भी अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं भव्यता के साथ संपन्न हुआ। भक्तों की विशेष भावनाओं के अनुरूप इस वर्ष भगवान तिरुपति बालाजी को पहली बार छप्पन भोग अर्पित किया गया, जिससे आयोजन को विशेष एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर को दक्षिण भारतीय परंपरा एवं संस्कृति के अनुसार सजाया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण मानो दक्षिण भारत की दिव्य भूमि का अनुभव करा रहा था। प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत अभिषेक किया गया और इसके पश्चात भगवान का अलौकिक श्रृंगार किया गया। तत्पश्चात छप्पन भोग की भव्य एवं मनोहारी झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

दोपहर सवा बारह बजे आयोजित महाआरती में समस्त श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भाग लेकर भगवान के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। महाआरती के बाद सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। दक्षिण भारतीय शैली की पूजा-पद्धति, वेशभूषा और सजावट के कारण संपूर्ण आयोजन में दक्षिण भारत की आध्यात्मिक छवि स्पष्ट रूप से झलकती रही।

तिरुपति बालाजी का यह मंदिर लाखों भक्तों की आस्था एवं विश्वास का केंद्र है। जनमान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से भगवान बालाजी का स्मरण करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। पाटोत्सव के अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए और भगवान तिरुपति बालाजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में महेशपुरी, सुरेश तोषनीवाल, मुकेश गुर्जर, राधेश्यामजी तोषनीवाल, अशोक जोशी, अनिल बांगड़, प्रवीण अग्रवाल और संजय डाड नीरव राठी का विशेष योगदान रहा। महिला वर्ग से विनीता तोषनीवाल, अनीता गुर्जर, सुनीला जोशी, नीना अग्रवाल, तारा बांगड़, लीला गोस्वामी और रीना डाड ने भी पूर्ण समर्पण भाव से आयोजन में सहयोग प्रदान किया।

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