हल्दीघाटी महासंग्राम शौर्य दिवस पर काव्य कलश आयोजित

हल्दीघाटी महासंग्राम शौर्य दिवस पर काव्य कलश आयोजित
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भीलवाड़ा कार्यालय प्रति कोहिनूर सेवा समिति के तत्वावधान में हल्दीघाटी महासंग्राम शौर्य दिवस के उपलक्ष पर सेठ गजाधर मानसिंह का धर्मशाला में देशभक्ति काव्य कलश का आयोजन किया गया समिति संयोजक कवि रामनिवास रोनी राज ने बताया कि समाज सेवक जगदीश मानसिंहका के सानिध्य में कार्यक्रम का शुभारंभ राजेंद्र सिंह देश प्रेमी की भारत वंदना से हुआ कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व सभापति मंजू पोखरना थी वहीं अध्यक्षता रंजीत सिंह कारोही (महाराणा प्रताप के वंशज) ने की विशेष स्थिति राजपूत विकास परिषद के चतरसिंह मोटरास व परमार्थ संस्थान के दिन बंधु खत्री थे प्रसिद्ध गीतकार राजेंद्र गोपाल व्यास ने महाराणा प्रताप के लिए "पद प्रतिष्ठा और पैसा आज समीकरण है ऐसे कोहरे में चमके जो रवि किरण है";पढकर काव्य कलश को ऊंचाइयां प्रदान की। वही नैनवा बूंदी से आए गीतकार ब्रिज सुंदर सोनी ने नीरज की तरन्नुम में रचना।।। जब-जब तलवार उठी राणा री दुश्मन टोली डोली थी"ने सभी को मंत्र मुक्त कर दिया .भीलवाड़ा के प्रसिद्ध व्यंग्यकार ओम उज्जवल की रचना "गूंज रही हल्दीघाटी में आज भी चेतक की टॉप" ने श्रोताओं के दिलों में स्वामी भक्ति व!देश भक्ति जगा दी. कवि रामनिवास रोनी राज ने "यदि भारतके वक्षस्थल पर रंगीला राजस्थान ना होता।।पढ़ कर श्रोताओं में जोश जगाश्रदिया और खूब तालियां बटोरी। गुलाबपुरा से आई कवित्री सरोज तिवारी ने "जन्मभूमि के कण-कण से मेवाड़ी खुशबू आती है पढ़कर खूब दाद पाई जयप्रकाश खोईवाल ने मां की ममता पर काव्य पाठ किया बेहतरीन संचालन कवि रोनी राज ने किया । शहर अध्यक्ष रामचंद्र मुंदडा व बालू राम अग्रवाल ने भी देशभक्ति गीत पढ़े इस अवसर पर पूर्व पार्षद सुरेश बम,समाज सेवक राजेंद्र जैन,पुराना शहर अध्यक्ष किशन अग्रवाल, सचिव पिंकी शर्मा, राकेश साहू, देवकरण शर्मा, हिम्मत सिंह आदि मौजूद थे

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