गौ संरक्षण, पंचगव्य चिकित्सा एवं जैविक कृषि नवाचारों की प्रशंसा

गौ संरक्षण, पंचगव्य चिकित्सा एवं जैविक कृषि नवाचारों की प्रशंसा
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भीलवाड़ा, । जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बुधवार को भीलवाड़ा जिले के नौगांव स्थित माधव गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र एवं गौशाला का निरीक्षण किया। मंत्री श्री रावत ने परिसर में स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

निरीक्षण के दौरान संस्थान के अध्यक्ष एवं गौ सेवा क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश द्वारा जल संसाधन मंत्री को संस्थान की गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई।

मंत्री रावत ने संस्थान में गौ संरक्षण, पंचगव्य चिकित्सा अनुसंधान, जैविक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि यह केंद्र भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं वैदिक परंपराओं का प्रभावी संवाहक है।

उन्होंने संस्थान की प्रमुख गतिविधियों का उल्लेख किया

पंचगव्य चिकित्सा अनुसंधानः केंद्र में गौमूत्र, गोबर, दूध, दही एवं घी के उपयोग से आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण कर विभिन्न रोगों के उपचार में सफलता प्राप्त की जा रही है। जैविक कृषि को बढ़ावाः किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में जैविक खाद, कीटनाशकों एवं गौ-अमृत के प्रयोग हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। गौ आधारित आर्थिक स्वावलंबनः संस्थान का उद्देश्य गौपालकों एवं कृषकों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सके।

मंत्री श्री रावत ने कहा कि “यह केंद्र केवल एक गौशाला नहीं, बल्कि ग्रामीण नवाचार, पारंपरिक चिकित्सा एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक प्रेरणादायक मॉडल है। राज्य सरकार ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रतिबद्ध है।”

निरीक्षण के अंत में मंत्री श्री रावत ने संस्थान के कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उनके कार्यों की सराहना की और राज्य सरकार की ओर से यथासंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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