सवाईपुर तहसील में बजट पूर्व चर्चा: किसान संघ ने राइजिंग राजस्थान व फिल्म योजना शामिल करने की मांग की

सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ले समक्ष भारतीय किसान संघ ने जिलाध्यक्ष भैरूलाल आचार्य के सानिध्य में बजट पूर्व चर्चा में विभिन्न कार्यों को शामिल करने की मांग रखी। भारतीय किसान संघ अफीम आयाम प्रमुख राजस्थान प्रदेश बद्रीलाल जाट ने बताया कि हर गांव में सिचाई के तालाब की नहरी पक्की हो, जिससे पानी का व्यर्थ नुकसान से बचा जा सके । सिचाई के लिये कम से कम 8 घन्टे निर्बाध बिजली सप्लाई हो । खेतो में जंगली जानवर रोजडो और सूअरों के नुकसान से किसान खेती करना छोड़ रहे, खेतो के चारदीवारी कोट के लिए सरकार सहायता प्रदान करे । कृषि उपज की खरीद नजदीक हर पंचायत स्तर पर सरकारी केन्द्र स्थापित हो । फसल बीमा कम्पनियां काश्तकारों को नुकसान की भरपाई नही करती है समुचित प्रबंध हो । खेतो के बंटवारा करते समय शामलाती रास्ता प्रत्येक खेत तक, उसी समय पर निर्धारित हो ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति न बन सके । माण्डल और सहाडा विधानसभा में अत्यधिक फसल खराबा होने के बावजूद भी कर्मचारियों की लापरवाही से गिरदावरी न करके किसान को निराशा व मुआवजा से जानकर वंचित रखा गया, जिनके खिलाफ कार्यवाही की अपेक्षा की जाती है । जिले की सभी नदियो का उदगम स्थल राजसमंद जिले की पहाड़ियां क्षेत्र है जिन्हे माही डेम से जोड़कर बाढ से बहकर जाने वाले व्यर्थ पानी को जिले की सभी नदियो मे लिंक जोड़ा जाये । पशुपालन क्षेत्र मे भारतीय गौमाता का दूध का खरीद मूल्य अलग से खरीद पर भैंस के दूध की रेट से कम न हो । सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों रुपए खर्च करके जल, जमीन, जंगल बचाने का यत्न कर रही है, तो जो गांव स्वयं आगे होकर खेती के लिए, अपने गांव के लिए, कुछ अच्छा सोच कर नदी रेत, चारागाह, वृक्ष जिनका प्राकृतिक स्वरूप है, उनको बचाना चाह रहे हैं, वहां सरकार सकारात्मक सोच रखते हुए, उस क्षेत्र को खनन लीज से मुक्त किया जावे । तहसील एक प्रशासनिक ईकाई है, जो क्षेत्र के भविष्य के साथ युवा विकास, किसानों की सुविधा की नींव है । तहसील सवाईपुर की 2 वर्षों से प्रशासनिक स्वीकृति है, इस बजट में वितीय स्वीकृति जारी करावे । पूर्व में बजट घोषणा में तहसील सवाईपुर में राइजिंग राजस्थान के जिला कार्यालय व फिल्म जगत के लिए आरक्षित योजना, धरातल पर कार्य नहीं किया । विद्यालयों का एकीकरण के बाद जो भवन खाली पड़े हैं, उनका सही उपयोग किया जावे । ग्राम सेवा सहकारी समिति पर कृषि आदान, बैंकिंग सुविधा को दुरुस्त किया जाकर, पारदर्शिता लाई जावे । प्रत्येक ग्राम पंचायत पर लोकपाल नियुक्त हो, जो केन्द्र, राज्य की योजनाएं अंतिम पायदान तक पहुंच सके । यूरिया खाद की कालाबाजारी, वितरण, कमी, किसानों द्वारा अधिक उपयोग लेना, इस समस्या को हल करने हेतु सब्सिडी किसानों के खाते में डीबीटी से दिलाए । पूर्व में बजट घोषणा में तहसील सवाईपुर में राइजिंग राजस्थान के जिला कार्यालय व फिल्म जगत के लिए आरक्षित योजना, धरातल पर कार्य नहीं किया । सरसों, चना msp खरीद फरवरी में चालू करावे । ग्रामीण सड़क जो पूरी टूट चुकी है, उनको बजट में शामिल किया जावे, फसल किसान मंडी तक बेच सके । जैसे मानपुरा से महुवा तह मांडलगढ़ जिला भीलवाड़ा । जिले की मंडियों को अपग्रेड किया जाए, बजट में शामिल किया जाए। जैसे बीगोद मंडी को बड़ा करें । जिला भीलवाड़ा में बिजली विभाग में टेंडर नहीं होने से चालू कृषि कनेक्शन पर डीपी जलने से लगाने का कार्य विभाग नहीं कर पा रहा है, अतः इस बजट में प्रावधान करवा कर किसान के खेत पर डीपी लगाने का कार्य विभाग करावे ।
