राजस्थान के अफीम काश्तकारों द्वारा उगाई गई अफीम की खरीद 1अप्रैल से शुरू

भीलवाड़ा/कोटा l राजस्थान के अफीम काश्तकारों द्वारा फसल वर्ष 2024- 25 के दौरान उगाई गई अफीम उपज, जिसमें अफीम गोंद तथा बिना चीरा लगा अफीम डोडा अर्थात सीपीएस दोनो शामिल है, के खरीद का काम 1 अप्रैल 2025 से शुरू होने जा रहा है।
उप नारकोटिक्स आयुक्त, कोटा (राज.) नरेश बुंदेल ने बताया कि आजादी के बाद से राजस्थान में अफीम की खेती के नियन्त्रण तथा अफीम फसल खरीद का काम भारत सरकार द्वारा स्थापित नोडल एजेन्सी केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा किया जाता रहा है। यह काम केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा जिला अफीम अधिकारी कार्यालयो के अन्तर्गत स्थापित 8 अफीम कृषि प्रभागो भीलवाडा, चित्तौडगढ प्रथम, द्वितीय, तृतीय, झालावाड, कोटा, प्रतापगढ प्रथम एवं द्वितीय के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल अफीम फसल खरीद के लिए जिला-बारॉ, भीलवाडा, झालावाड, कोटा में एक-एक, जिला-प्रतापगढ में दो तथा जिला-चित्तौडगढ में तीन अफीम तौल तथा खरीद सेन्टर बनाए गए है। जिसमें लगभग 28 हजार पॉच सौ काश्तकारों से अफीम गोंद उपज तथा लगभग 13 हजार छह सौ. काश्तकारों से बिना चीरा लगा अफीम डोडा अर्थात सीपीएस उपज की खरीद की जाएगी।
अफीम गोंद खरीद का काम, चित्तौडगढ प्रथम, द्वितीय, तृतीय खण्ड के काश्तकारों से 1 अप्रैल से, प्रतापगढ द्वितीय खण्ड, भीलवाडा के काश्तकारों से 2 अप्रैल से, प्रतापगढ प्रथम तथा झालावाड के काश्तकारों से 3 अप्रैल से शुरू होगा । कोटा प्रभाग के अन्तर्गत, रामगंज मण्डी तहसील के काश्तकारों से अफीम गोंद खरीद का काम 5 अप्रैल से, रामगंजमण्डी केन्द्र पर तथा अन्य सभी काश्तकारों से 12 अप्रैल से छीपाबडोद केन्द्र पर शुरू किया जाएगा।
काश्तकारों से बिना चीरा लगा अफीम डोडा अर्थात सीपीएस उपज की खरीद का काम, झालावाड में 8 अप्रैल चित्तौडगढ द्वितीय खण्ड में 11 अप्रैल से, प्रतापगढ प्रथम खण्ड में 12 अप्रैल से , प्रतापगढ द्वितीय खण्ड में 13 अप्रैल से, चित्तौडगढ प्रथम एवं तृतीय खण्ड में 15 अप्रैल से, भीलवाडा में 16 अप्रैल से शुरू होगा। कोटा प्रभाग के अन्तर्गत, रामगंज मण्डी तहसील के काश्तकारों से बिना चीरा लगा अफीम डोडा अर्थात सीपीएस का काम 6 अप्रैल से, रामगंजमण्डी केन्द्र पर तथा अन्य सभी काश्तकारों से 17 अप्रैल से छीपाबडोद केन्द्र पर शुरू किया जाएगा।