स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर बैरा गांव में विरोध, जबरन स्थापना का आरोप

स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर बैरा गांव में विरोध, जबरन स्थापना का आरोप
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भीलवाड़ा। वर्तमान में गांवों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चल रहा है, लेकिन कई स्थानों पर यह कार्य बिना पूर्व सूचना एवं बिना किसी नोटिस के जबरदस्ती किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मीटर लगाने वाले कर्मचारी उस समय घरों में स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं, जब घर पर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं होता।

ग्रामीणों ने बताया कि इस प्रकार जबरदस्ती मीटर लगाना कानूनी रूप से सही नहीं है। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 43 से 47 एवं आरडीएसएस गाइडलाइन्स के तहत उपभोक्ता को पूर्व सूचना, सहमति एवं शिकायत का अधिकार प्राप्त है।

इसी क्रम में 28 जनवरी 2026 को बनेड़ा तहसील के बैरा गांव के वार्ड नंबर 3 में मीटर लगाने वाली टीम के पहुंचने पर ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया। आरोप है कि कर्मचारियों द्वारा बिना किसी नोटिस के जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे थे। इसका विरोध करते हुए वार्डवासी दिनेश चंद्र बाथरा, भेरू लाल तेली, ललित किशोर मीणा, एडवोकेट पी.एल. डिडवानिया (रैगर), पूर्व सरपंच मोहन लाल गुर्जर, सरपंच प्रत्याशी गोपाल लाल भामर (गुर्जर), कालू बलाई, घनश्याम हरिजन, बाबू हरिजन, राधे हरिजन, ओमप्रकाश बलाई सहित अन्य ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आपत्ति जताई।

ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर कर्मचारियों ने यह कहकर धमकाया कि यदि अभी मीटर नहीं लगवाया गया तो दो या तीन महीने बाद चालान या ड्राफ्ट भरना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार धमकाना एवं बिना निर्धारित प्रक्रिया के कार्रवाई की चेतावनी देना गैरकानूनी हो सकता है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अगस्त 2025 में जारी आदेश के बाद नए कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य नहीं है तथा पुराने मीटर बनाए रखने का भी प्रावधान मौजूद है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।

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