रेलवे अंडरपास बने मुसीबत की राह, उपभोक्ता अधिकार समिति ने महापौर को दिया ज्ञापन

रेलवे अंडरपास बने मुसीबत की राह, उपभोक्ता अधिकार समिति ने महापौर को दिया ज्ञापन
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भीलवाड़ा । शहर के रेलवे अंडरपास इन दिनों आमजन के लिए परेशानी का सबसे बड़ा केंद्र बन गए हैं। रख-रखाव के अभाव में अंडरपासों में हो रहे जलभराव और कीचड़ ने नगर निगम के सुशासन के दावों की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। इस गंभीर समस्या को लेकर उपभोक्ता अधिकार समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए महापौर राकेश पाठक को ज्ञापन सौंपा और तुरंत समाधान की मांग की है। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष सुनील राठी और सचिव प्रहलाद राय व्यास ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्थायी लोक अदालत, भीलवाड़ा ने पूर्व में स्पष्ट आदेश दिए थे कि अंडरपासों के रख-रखाव की जिम्मेदारी पूरी तरह नगर निगम की है। इसके बावजूद निगम प्रशासन की कुंभकर्णी नींद नहीं टूट रही है, जो सीधे तौर पर अदालत की अवमानना है।

ज्ञापन में बताया कि शहर के प्रमुख अंडरपासों की स्थिति इतनी दयनीय है कि वहां से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है। विशेषकर समेलिया फाटक अंडरपास यहाँ बिना बारिश भी पानी भरा हुआ है। अजमेर रोड (पांडु के नाले के पास) कीचड़ और मलबे से राहगीर परेशान हैं। गुरु नानक पेट्रोल पंप अंडरपास यहाँ जलभराव से वाहन खराब हो रहे हैं। ज्ञापन में बताया गया कि जलभराव के साथ-साथ इन अंडरपासों में लाइटिंग की व्यवस्था पूरी तरह ठप है। रात के समय अंधेरा होने के कारण वाहन चालक गहरे गड्ढों का अंदाजा नहीं लगा पाते, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ज्ञापन में बताया गया कि अंडरपासों की हालत अत्यंत दयनीय है। जनता अपने गंतव्य तक नहीं पहुँच पा रही है। निगम को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और तुरंत राहत प्रदान करनी होगी, वरना समिति उग्र कदम उठाएगी। समिति के मानव अधिकार प्रदेश अध्यक्ष अशोक सोडाणी एवं उपभोक्ता अधिकार समिति केंद्रीय महिला अध्यक्ष मधु जाजू ने बताया कि समिति ने मुख्य मांगें रखते हुए चेतावनी दी की पंपों के जरिए अंडरपासों में जमा गंदे पानी को तुरंत बाहर निकाला जाए। पानी से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और गड्ढों को भरकर आवागमन सुगम बनाया जाए। रात के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए पर्याप्त लाइटें लगाई जाएं।

समिति ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आमजन के हितों के लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


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