राजस्थान आजीविका विकास परिषद के कर्मचारियों ने भरी हुंकार; नियमितीकरण और वेतन वृद्धि सहित कई मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

भीलवाड़ा । संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आज राजस्थान आजीविका विकास परिषद के संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आजीविका संगठन की जिला अध्यक्ष अनीता कंवर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष कर्मचारी मुखर्जी पार्क में एकत्रित हुए और वहां से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे।
नियमितीकरण और न्यूनतम वेतन की मुख्य मांग प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन की मुख्य मांग है कि सभी संविदा कर्मचारियों का स्थायीकरण किया जाए और उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान लाभ दिए जाएं। साथ ही, सभी महिला श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह तय करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई।
ज्ञापन में मांगे - (1) नए लेबर कोड को कर्मचारी विरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की गई, (2) आरसीआरपीसी के तहत कर्मचारियों की वेतन वृद्धि लागू की जाए, (3) फील्ड में कार्यरत प्रत्येक टीम को गांवों में रहने के लिए सुरक्षित सरकारी भवन उपलब्ध करवाए जाएं, (4) काम के दौरान फील्ड में आ रही समस्याओं, जैसे ओटीपी मिस और अन्य तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए।
इस दौरान संगठन की कोषाध्यक्ष सत्तू बुनकर, रिंकू पारीक, टीना कंवर, शैफाली, सलमा सहित बड़ी संख्या में आजीविका परिषद के कार्यकर्ता और महिला श्रमिक उपस्थित रहीं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
