समग्र शिक्षा से संबंधित भ्रामक समाचारों का खंडन

भीलवाड़ा (हलचल)। हाल ही में कुछ प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया माध्यमों में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित पी.एम. विद्यालयों हेतु किशोर-किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रम एवं सुरक्षित विद्यालय वातावरण निर्माण गतिविधि से संबंधित तथ्यहीन, भ्रामक एवं एकपक्षीय समाचार प्रकाशित एवं प्रसारित किए गए हैं, जो पूर्णतः असत्य एवं निराधार हैं।
इस संबंध में एडीपीसी समग्र शिक्षा डॉ. कल्पना शर्मा ने स्पष्ट किया है कि संबंधित गतिविधियों हेतु आवंटित राशि के संबंध में विभाग द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की गई है। दिनांक 06.10.2025 से 09.10.2025 तक पीएम श्री रा.उ.मा.वि. मांडल में संस्था प्रधानों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिस पर ₹34,880/- का व्यय किया जा चुका है। प्रशिक्षण में सम्मिलित प्रतिभागियों के यात्रा व्यय भुगतान की प्रक्रिया प्रचलित है। शेष राशि ₹32,400/- दिनांक 02.12.2025 को समस्त पीएम श्री विद्यालयों को सुरक्षित विद्यालय वातावरण निर्माण हेतु ₹560/- एवं किशोर-किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रम हेतु ₹800/- प्रति विद्यालय की दर से आवंटित की गई, जिसके अंतर्गत संबंधित विद्यालयों द्वारा गतिविधियां आयोजित कर नियमानुसार व्यय किया जा रहा है।
यह भी उल्लेखनीय है कि संबंधित विषय में विभागीय स्तर पर सम्पूर्ण तथ्यात्मक स्थिति नियमानुसार सक्षम कार्यालय को प्रस्तुत कर दी गई है तथा सभी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है।
कुछ माध्यमों द्वारा विभागीय स्पष्टीकरण प्राप्त होने से पूर्व अपूर्ण तथ्यों के आधार पर समाचार प्रकाशित कर विभाग एवं अधिकारियों की छवि को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, जो अनुचित है।
एडीपीसी समग्र शिक्षा डॉ. कल्पना शर्मा ने बताया कि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर द्वारा समस्त गतिविधियों हेतु आवंटित राशि नियमानुसार जिले के विभिन्न विद्यालयों में जारी की जाती है जिसे संबंधित संस्था प्रधानों द्वारा व्यय किया जाता है एवं इस व्यय की ऑफलाइन/ ऑनलाइन मीटिंग्स व समय-समय पर आवश्यक दिशा निर्देश जारी करके समुचित मॉनिटरिंग करते हुए संस्था प्रधानों द्वारा किए गए व्यय की प्रविष्टि प्रबंध पोर्टल पर की जाती है अतः समसा कार्यालय द्वारा वित्तीय अनियमितता की संभावना नगण्य रहती है।
समग्र शिक्षा विभाग आमजन से अपील करता है कि अप्रमाणित एवं भ्रामक समाचारों पर विश्वास न करें।
