श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में हुआ धार्मिक अनुष्ठान, 10 उपवास पर हुआ स्वर्ण मुकुट से प्रथम अभिषेक

श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में हुआ धार्मिक अनुष्ठान, 10 उपवास पर हुआ स्वर्ण मुकुट से प्रथम अभिषेक
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भीलवाड़ा। आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, आर के कॉलोनी में पण्डित राहुल जैन शास्त्री सागर वालों ने प्रवचन देते हुए कहा कि इच्छाओं का निरोध करना और आत्म स्वरूप में लीन रहना ही सच्चा तप है। उन्होंने कहा कि तप के साथ लगा "उत्तम" शब्द सम्यक दर्शन का प्रतीक है। जिनागम के अनुसार, बिना सम्यक दर्शन के करोड़ों वर्षों तक किया गया तप भी बोधि लाभ या मोक्ष की प्राप्ति नहीं करवा सकता।

तरणताल के सामने स्थित श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आज प्रातः सनत कुमार विपुल पाटनी ने अतुल पाटनी के 10 उपवास पूर्ण होने के उपलक्ष में स्वर्ण मुकुट धारण कर प्रथम अभिषेक एवं 108 रिद्धि मंत्रों से अभिषेक किया। श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि महेन्द्र, विपिन रागांश सेठी ने शांतिनाथ भगवान के श्रीमस्तक पर शांतिधारा की।

इस अवसर पर पवन, अनिल सेठी, सनत निगर्स अजमेरा, ओमचन्द रिखबचन्द परिवार, विनोद आलोक अग्रवाल, राकेश रिषभ पहाड़िया, विनोद रोहन बज, नवीन रौनिल सेठी, सुरेन्द्र मयूर शाह, राजकुमार अतुल सेठी सहित कई श्रद्धालुओं ने अन्य प्रतिमाओं पर शांतिधारा की।

श्री दिगम्बर जैन महिला महासमिति मैत्री संभाग की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बारह भावना पर आधारित संगीत एवं नृत्यमय मनोहारी प्रस्तुति दी गई, जिसे सभी श्रद्धालुओं ने सराहा।

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