भीलवाड़ा में सड़क सुरक्षा अभियान: एम्बुलेंस चालकों को ट्रैफिक नियमों की शपथ दिलाई गई

भीलवाड़ा। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज रामस्नेही चिकित्सालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से एम्बुलेंस चालकों को आमंत्रित किया गया, ताकि उन्हें वाहन चलाते समय सड़क सुरक्षा के महत्व और ट्रैफिक नियमों की सही जानकारी दी जा सके। यह अभियान स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला परिवहन अधिकारी अनिल शर्मा के भाषण के साथ हुई, जिसमें उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों और उनके गंभीर परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में पहुंचने वाले अधिकतर रोगी और आपातकालीन स्थिति वाले लोग अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, इसलिए एम्बुलेंस चालकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने चालकों को समझाया कि केवल तेजी से वाहन चलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षित और नियमों के अनुसार वाहन चलाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर सड़क सुरक्षा अधिकारी ने चालकों को यातायात नियमों के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसमें मुख्य रूप से वाहन की गति सीमा, सिग्नल का पालन, हेडलाइट,शीट बेल्ट और सायरन का सही उपयोग, और पैदल चलने वालों के लिए विशेष ध्यान देने जैसे महत्वपूर्ण निर्देश शामिल थे। अधिकारी ने बताया कि एम्बुलेंस चालक अपने काम के दौरान अक्सर समय की दौड़ में रहते हैं, लेकिन किसी भी दुर्घटना की स्थिति में न केवल मरीज की जान खतरे में आती है बल्कि चालक और आम जनता की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
कार्यक्रम का एक विशेष हिस्सा चालकों से शपथ ग्रहण का था। इसमें सभी चालकों ने सामूहिक रूप से यह शपथ ली कि वे हमेशा सड़क नियमों का पालन करेंगे, वाहन को सुरक्षित तरीके से चलाएंगे और आपातकालीन स्थिति में भी संयम बनाए रखेंगे। शपथ लेने के बाद अधिकारियों ने कहा कि यह कदम चालकों को जिम्मेदार बनाने और दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान चालकों को प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने का भी मौका मिला, जिसमें उन्हें विभिन्न सड़क परिस्थितियों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीकों के बारे में बताया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि एम्बुलेंस चालक की सतर्कता और नियमों के प्रति जागरूकता सीधे मरीज की जान बचाने और सड़क पर अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करती है।
इस कार्यक्रम में शामिल अधिकांश चालकों ने कहा कि उन्हें इस पहल से बहुत कुछ सीखने को मिला और वे भविष्य में अपने वाहन संचालन में विशेष सतर्कता बरतेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल चालकों को शिक्षित करना था, बल्कि उन्हें यह समझाना भी था कि सड़क सुरक्षा सिर्फ नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का भी मामला है।
