भीलवाड़ा में चिकित्सा क्रांति: पोरवाल हॉस्पिटल में अब रोबोटिक तकनीक से सफल जोड़ प्रत्यारोपण

भीलवाड़ा । चिकित्सा के क्षेत्र में भीलवाड़ा ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण की सर्जरी को अब रोबोटिक तकनीक ने पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सटीक बना दिया है। शहर के प्रतिष्ठित पोरवाल हॉस्पिटल ने इस आधुनिक तकनीक का समावेश करते हुए रोबोटिक प्रत्यारोपण सर्जरी की शुरुआत की है, जिससे अब स्थानीय मरीजों को अहमदाबाद या जयपुर जैसे बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सटीकता और त्वरित रिकवरी है बड़ी विशेषता
चिकित्सालय के मेडिकल डायरेक्टर एवं वरिष्ठ जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. नरेश पोरवाल ने बताया कि पिछले कई वर्षों में हजारों सफल जोड़ प्रत्यारोपण करने के बाद, अब मरीजों को और भी बेहतर परिणाम देने के लिए रोबोटिक तकनीक अपनाई गई है। डॉ. पोरवाल के अनुसार, "रोबोटिक सर्जरी का सबसे बड़ा लाभ इसकी सूक्ष्म सटीकता है। इसमें चीरा बहुत छोटा लगता है और रक्तस्राव भी न्यूनतम होता है। इसके परिणामस्वरूप घाव जल्दी भरते हैं और मरीज बहुत कम समय में अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है।"
अनुभवी सर्जन और रोबोट का तालमेल
तकनीक को स्पष्ट करते हुए डॉ. पोरवाल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी का अर्थ यह कतई नहीं है कि रोबोट स्वयं सर्जरी करता है। वास्तव में, यह अनुभवी सर्जन के निर्देशों पर कार्य करता है और जोड़ के 'अलाइनमेंट' को आदर्श स्थिति में लाने में तकनीकी मदद प्रदान करता है। हाल ही में बूंदी निवासी एक 62 वर्षीय मरीज का रोबोटिक तकनीक से सफल घुटना प्रत्यारोपण किया गया। विशेष बात यह रही कि मरीज को सर्जरी वाले दिन ही चला दिया गया और मात्र दो दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
विशेषज्ञ टीम का रहा सहयोग
इस सफल अभियान में डॉ. नरेश पोरवाल के साथ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एन.आर. धाकड़, डॉ. अनुराग राठौर, डॉ. विकास लोढ़ा तथा एनेस्थेसिया विभाग से डॉ. रिचा रिझवानी एवं डॉ. नीना तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पोरवाल हॉस्पिटल में अब नियमित रूप से रोबोटिक जोड़ प्रत्यारोपण की सुविधा उचित दरों पर उपलब्ध है।
