उदलियास में कपास उत्पादन बढ़ाने पर गोष्ठी

उदलियास में कपास उत्पादन बढ़ाने पर गोष्ठी
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भीलवाड़ा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय , भारतीय वस्त्र उद्योग महासंघ एवं कपास अनुसंधान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान सहाड़ा ब्लॉक के उदलियास गांव में रविवार को कस्तूरी कपास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें कस्तूरी कपास अभियान वर्ष 2026-27 का विधिवत आगाज किया गया।

कपास विकास अनुसंधान संगठन के राज्य परियोजना अधिकारी डा. जी. एस. आमेठा ने किसानों को कस्तूरी कपास के गुणवत्ता मानकों, उत्पादन पद्धति तथा बाजार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति से उच्च गुणवत्ता वाला कपास उत्पादन करें तो उन्हें बाजार में बेहतर मूल्य मिल सकता है, कस्तूरी कपास पहल के माध्यम से भारतीय कपास को वैश्विक स्तर पर प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

कृषि विज्ञान केन्द्र, भीलवाड़ा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. सी. एम. यादव ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संतुलित उर्वरक प्रबंधन, समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण तथा आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि की जा सकती है।

कृषि अधिकारी कजोड़ मल गुर्जर ने कहा कि कस्तुरी कपास के लिए जिले में अपार सम्भावनाऐंह ै, जिले की मृदा एवं जलवायु एवं विपणन की सुविधा होने से जिले के किसानों के लिए कार्यक्रम वरदान सिद्ध होगा,उन्होंने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में परियोजना के जिला समन्वयक गोविन्द पाराशर, भारत कुमार शर्मा, भूपेश कुमार तथा संजीव कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी कस्तूरी कपास की खेती, गुणवत्ता सुधार और विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों को कस्तूरी कपास की खेती, गुणवत्ता मानकों तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई।

फोटो -जिले में उदलियास गांव में कस्तुरी कपास पर आयोजित कृषक गोष्ठी को सम्बोधित करते कृषि विशेषज्ञ व कृषि विभाग के अधिकारी

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