चोरों को छोड़ने पर SHO को किया लाइन हाजिर

भीलवाड़ा। आसींद पुलिस की गश्त टीम ने नेशनल हाईवे 158 पर पड़ासोली चौराहे के पास एक होलसेल किराना दुकान में चोरी करते हुए चार चोरों को रंगे हाथों पकड़ा, लेकिन क्षेत्राधिकार बदनौर थाना क्षेत्र का होने के कारण आरोपियों को बदनौर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

मामला 27 जनवरी का है। पड़ासोली थाना क्षेत्र निवासी सुरेश साहू पिता लक्ष्मण साहू ने बताया कि 27 जनवरी की सुबह करीब 3 बजे उनकी दुकान में चोरी की सूचना मिली। उन्होंने तत्काल आसींद थाना पुलिस को सूचना दी और स्वयं भी मौके पर पहुंचे। मौके पर देखा गया कि दुकान का एक शटर टूटा हुआ था और दूसरे शटर को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा था। आसींद पुलिस मौके पर पहुंची और चारों चोरों को पकड़ लिया।

28 जनवरी की सुबह चारों आरोपियों को बदनौर पुलिस के हवाले कर दिया गया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि बदनौर पुलिस ने इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया और आरोपियों को शांतिभंग की धारा में पाबंद कर छोड़ दिया। इस दौरान दुकान से जब्त की गई सीसीटीवी कैमरे की डिस्क को भी खाली कर दिया गया।

पीड़ित दुकानदार सुरेश साहू ने बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें ही हवालात में बंद कर दिया गया। 28 जनवरी को वे सीसीटीवी फुटेज के साथ बदनौर थाने पहुंचे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की गई। बाद में 31 जनवरी को इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

भास्कर द्वारा मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें साफ तौर पर चारों चोर शटर तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। दुकानदार ने बताया कि पुलिस के आने से पहले ही उन्होंने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर लिए थे, जो बाद में सबूत बने।

मामले में लापरवाही सामने आने पर ब्यावर एसपी ने 4 फरवरी को बदनौर के तत्कालीन एसएचओ महादेव प्रसाद को लाइन हाजिर कर दिया। उनकी जगह शंभूदयाल मीणा को बदनौर थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। मामले की जांच फिलहाल जारी है।

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