श्री महेश पब्लिक स्कूल, प्राइमरी विंग में 'मोबाइल फोन: एक स्मार्ट उपकरण या मौन विनाशक ?' सेमिनार का आयोजन

श्री महेश पब्लिक स्कूल, प्राइमरी विंग में मोबाइल फोन: एक स्मार्ट उपकरण या मौन विनाशक ? सेमिनार का आयोजन
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भीलवाड़ा। श्री महेश पब्लिक स्कूल प्राइमरी विंग में गुरुवार, 19 फरवरी, 2026 को 'मोबाइल फोन: एक स्मार्ट उपकरण या मौन विनाशक ?' जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। श्री महेश सेवा समिति के निर्देशक व विद्यालय प्रभारी द‍िनेश शारदा ने बताया कि विद्यालय में कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों व अभिभावकों ने इस जागरूकता सेमिनार में भाग लिया । कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के सही उपयोग एवं उसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में श्री महेश सेवा समिति के सदस्य - अध्यक्ष ओम प्रकाश नराणीवाल , सचिव राजेंद्र कुमार कचौलिया , कोषाध्यक्ष राजेश बाहेती, संचालक सदस्य केदारमल जागेटिया ,दिनेश कुमार शारदा तथा चंद्र प्रकाश काल्या , मुख्य वक्ता जगदीश कोगटा (सहसचिव,महामंत्री अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा )उपस्थित रहे । अतिथियों का स्वागत अपर्णा व तिलक के साथ किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन तथा वंदे मातरम् के साथ हुई । विद्यालय की प्रधानाचार्या निधि झा भार्गव द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया । सेमिनार के दौरान मुख्य वक्ता श्री जगदीश जी कोगटा ने विद्यार्थियों व अभिभावकों को बताया कि मोबाइल फोन आज के युग में शिक्षा, संचार और जानकारी प्राप्त करने का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य, आंखों की समस्या, एकाग्रता में कमी और समय की बर्बादी जैसी हानियांँ भी हो सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग पर उचित निगरानी रखें तथा समय-सीमा निर्धारित करें। विद्यार्थियों को भी मोबाइल का संतुलित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने की प्रेरणा दी गई।

विद्यालय की प्रधानाचार्या निधि झा भार्गव ने कहा कि मोबाइल फोन आज के डिजिटल युग का महत्वपूर्ण साधन है लेकिन मोबाइल का अत्यधिक एवं अनुचित उपयोग बच्चों की एकाग्रता, स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। श्री महेश सेवा समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश नराणीवाल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग पर निगरानी रखें, समय-सीमा तय करें तथा बच्चों को खेल-कूद, पुस्तक पठन और रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें।

सचिव राजेंद्र कचौलिया ने सभी उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों आदि को शपथ दिलवाते हुए कहा कि सभी मोबाइल का कम से कम व संतुलित उपयोग करेंगे। श्री राजेश जी बाहेती ने बताया कि यदि मोबाइल का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो ही मोबाइल विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन और कौशल विकास में सहायक सिद्ध हो सकता है। निर्देशक व विद्यालय प्रभारी श्री दिनेश जी शारदा ने कहा कि मोबाइल तकनीक तभी लाभकारी है जब उसका संतुलित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग किया जाए । सेमिनार का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी उपस्थित अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया और ऐसे जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित करने का संकल्प लिया। यह सेमिनार अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।

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