सफलता की कहानी, ग्राम उत्थान शिविर बना किसान के लिए संजीवनी, तारबंदी से सुरक्षित हुई शंकर लाल की फसल

सफलता की कहानी, ग्राम उत्थान शिविर बना किसान के लिए संजीवनी, तारबंदी से सुरक्षित हुई शंकर लाल की फसल
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भीलवाड़ा । रायला तहसील निवासी शंकर लाल तेली, जो एक साधारण कृषक हैं, लंबे समय से अपने खेतों में आवारा एवं जंगली पशुओं की समस्या से जूझ रहे थे। गाय-भैंस एवं अन्य पशुओं द्वारा फसल को बार-बार नुकसान पहुँचाए जाने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता था, जिससे वे मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशान थे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित ग्राम उत्थान शिविर शंकर लाल के लिए आशा की किरण बनकर आया। शिविर के दौरान उन्होंने अपनी समस्या ग्राम सेवक के समक्ष रखी। मौके पर ही उन्हें तारबंदी योजना की जानकारी दी गई तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन-प्रक्रिया पूर्ण करवाई गई।

शिविर में त्वरित कार्रवाई करते हुए शंकर लाल के खेत में तारबंदी का कार्य स्वीकृत किया गया, जिसके अंतर्गत उन्हें 30 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। तारबंदी होने से अब उनके खेत सुरक्षित हो गए हैं और फसलों को पशुओं से होने वाला नुकसान पूरी तरह से रुक गया है।

शंकर लाल तेली का कहना है कि ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से सरकार ने आम किसान की समस्या को न केवल सुना, बल्कि उसका समाधान भी मौके पर ही सुनिश्चित किया। उन्होंने इस सहयोग के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाएँ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं, जिससे किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है और ग्रामीण सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।

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