बामणी गांव में लेपर्ड की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत:किसान खेत पर जाने से कतरा रहे, पकड़ने के लिए वन विभाग ने लगाया पिंजरा

भीलवाड़ा। आसींद नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 भेरू खेड़ा और बोरेला पंचायत मुख्यालय के बामणी गांव में लेपर्ड की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। इसके कारण किसान खेतों में काम करने से कतरा रहे हैं।
चार दिन पहले वार्ड नंबर 1 भेरू खेड़ा में लेपर्ड ने एक भेड़ का शिकार किया था। यह लेपर्ड भंवरलाल गुर्जर के मकान में दीवार फांदकर घुस गया था, जिसकी तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थीं।
गुरुवार सुबह बामणी गांव निवासी किसान गोपाल लाल और श्यामलाल वैष्णव गेहूं की रखवाली के लिए खेत पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि लेपर्ड एक स्वान के बच्चे को मुंह में दबाए हुए है। जैसे ही ग्रामीण जमा हुए, लेपर्ड बच्चे को छोड़कर भाग निकला।
बामणी गांव के रतन सिंह चुंडावत ने बताया कि लेपर्ड की लगातार आवाजाही के कारण किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से बामणी गांव में पिंजरा लगाकर लेपर्ड को पकड़ने की मांग की है, ताकि किसानों को इस भय से राहत मिल सके।
इस संबंध में वनपाल फारूक मोहम्मद शेख ने जानकारी दी कि नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 में भंवरलाल गुर्जर के मकान के पास लेपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है।
