माधव गौशाला में 'भागवत समरसता महोत्सव' का शंखनाद: विधि-विधान से हुआ भूमि पूजन और ध्वजारोहण

भीलवाड़ा ।शहर के परम पूज्य माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान (माधव गौशाला) में भक्ति, शक्ति और सेवा के अनूठा संगम 'भागवत समरसता महोत्सव' का आगाज धार्मिक उल्लास के साथ हो गया है। शनिवार को महोत्सव के निर्विघ्न आयोजन के संकल्प के साथ कथा स्थल पर विधि-विधान से भूमि पूजन एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ। पंडित प्रकाश व्यास के सानिध्य में मंत्रोच्चार के बीच यजमानों ने सपत्नीक धर्म ध्वजा फहराई और आयोजन की भव्य सफलता की कामना की।
कार्यकर्ताओं को मिला 'पंच-मंत्र' का पाथेय
भूमि पूजन के पश्चात आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक को अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं वरिष्ठ प्रचारक सुरेश भाई ने संबोधित किया। उन्होंने महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को 'पंच-मंत्र' का आह्वान किया:
समय की मर्यादा का पालन।
कार्यक्रम की पूर्ण और स्पष्ट जानकारी।
सौंपे गए कार्यों का सर्वोत्तम संपादन।
सकारात्मक भाव के साथ कार्य।
सामाजिक समरसता का संदेश।
उन्होंने जोर देकर कहा कि गौशाला परिसर में आयोजित होने वाली यह कथा अपनी उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के कारण समाज में एक 'यादगार' मिसाल पेश करनी चाहिए।
प्रमुख समाजसेवियों ने दी आहुति
कार्यक्रम के दौरान भंवरलाल दरगड़, डी.पी. अग्रवाल, मधुसूदन बहेडिया और मनीष बहेडिया ने सपत्नीक मुख्य पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर अशोक अजमेरा, गणपत सिंह नौगांवा, दादा पुरुषोत्तम, गिरिराज काबरा, श्रवण सेन, प्रोफेसर जगदीश कोगटा, ओमप्रकाश बूलिया, सुभाष बाहेती, गोविंद प्रसाद सोडाणी और ओपी आगाल सहित शहर के कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। वक्ताओं ने सामूहिक स्वर में कहा कि यह महोत्सव केवल एक कथा आयोजन नहीं, बल्कि गौ-सेवा के माध्यम से समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का एक विराट महा-अभियान है।
