महुआ में भगवान आदिनाथ का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव हर्षोल्लास से संपन्न

आकोला (रमेश चंद्र डाड)। महुआ के जैन मंदिर में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। परम पूज्य मुनि 108 श्री प्रणीत सागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में धर्मावलंबियों ने परिवार सहित शिरकत की।
धार्मिक अनुष्ठानों की रही धूम
गुरुवार प्रातः 7 बजे से अभिषेक एवं 108 मंत्रों के साथ शांतिधारा के आयोजन हुए। बोली के माध्यम से चार इंद्र बनने का सौभाग्य लाभचंद, देवेंद्र कुमार, अशोक कुमार, अभिषेक, विशाल, शांतिलाल, अंकित, चिन्मय, प्रकाश कुमार और राजकुमार को प्राप्त हुआ। इसके पश्चात प्रातः 8 बजे भक्तामर स्तोत्र विधान आयोजित किया गया, जिसमें सौधर्म इंद्र का पद अनिल कुमार, मुकेश कुमार, कमलेश और राजेश ने प्राप्त किया। मुख्य कलश स्थापना चार महिलाओं द्वारा संपन्न की गई।
भक्तिमय संध्या और महाआरती
दोपहर में 1008 रिद्धि मंत्रों का सामूहिक जाप जोड़ों द्वारा किया गया। मुनि श्री के दिशा-निर्देशन में शाम 6:30 बजे स्वास्तिक आकार में संगीतमय भक्तामर महाआरती का भव्य आयोजन हुआ। आरती के लिए प्रत्येक परिवार को पृथक टेबल आवंटित की गई, जहां उन्होंने दीप प्रज्वलित कर भक्ति का परिचय दिया। इस दौरान संगीत की धुनों पर भक्त झूमते नजर आए।
व्यापार मंगल रख मनाया उत्सव
श्रद्धाभाव प्रकट करते हुए समाज के सभी सदस्यों ने अपने प्रतिष्ठान प्रातः 11 बजे तक तथा सायंकाल 6 बजे के बाद मंगल (बंद) रखे, ताकि सभी महाआरती में सम्मिलित हो सकें। महोत्सव के दौरान सतीश सेठिया, चैनसुख काला, मुकेश सेठिया, नेमीचंद सेठिया, कैलाश सेठिया सहित जैन समाज के अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
