बेटी ने निभाया बेटे का धर्म पिता को दी मुखाग्नि

बेटी ने निभाया बेटे का धर्म पिता को दी मुखाग्नि
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बिजौलियाँ(दीपक राठौर) नौसरदा की बेटी और बिजोलिया की बहू ने अपने पिता की मृत्यु उपरांत मुखाग्नि देकर एक बेटी होकर बेटे का धर्म निभाया इसी के साथ शोककाल की सारी रस्में भी निभाई | बिजोलिया निवासी दीपमाला टाक ने अपने पिता टीकम चंद टाक के निधन के बाद न सिर्फ मोक्षधाम में मुखाग्नि दी, बल्कि शोककाल की सभी रस्में भी पूरी निष्ठा से निभाईं। याद रहे की टीकम चंद टाक नौसरदा के रहने वाले थे लेकिन बेटा नहीं होने से लगभग 25 सालों से अपनी सबसे छोटी बेटी दीपमाला और दामाद पूर्व उप सरपंच मनोज टाक के पास बिजौलियाँ ही रहते थे। दीपमाला ने बताया कि बेटियां किसी भी तरह से कम नहीं। जब परिवार में बेटा नहीं हो, तब भी बेटी हर जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हैं। जिसकी सबने प्रशंसा की|

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