48 वर्षों से इंदिरा मार्केट में व्यापार कर रहे गुजराती वाघरी समाज के सामने रोजी-रोटी का संकट, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

भीलवाड़ा - शहर के इंदिरा मार्केट में पिछले चार दशकों से पुराने कपड़ों का व्यापार कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे गुजराती वाघरी देवीपूजक समाज ने आज जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज के लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानीय दुकानदारों और पुलिस प्रशासन के दबाव के चलते उनकी आजीविका छीनी जा रही है।
एडवोकेट कन्हैया लाल रेगर ने बताया गया कि वाघरी समाज के करीब सैकड़ों परिवार सन् 1977 से इंदिरा मार्केट क्षेत्र में व्यापार कर रहे हैं। यह उनके जीवनयापन का एकमात्र साधन है। लेकिन पिछले 8-9 दिनों से कुछ रसूखदार दुकानदारों द्वारा उन्हें वहां से हटाने के लिए अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।
समाज के प्रतिनिधियों ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें सप्ताह में एक दिन लगने वाले ’संडे हाट बाजार’ में भी दुकानें नहीं लगाने दी जा रही हैं। इसके कारण समाज के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। पुलिस की बार-बार की कार्रवाई और हटाए जाने की धमकी से गरीब परिवार और महिलाएं मानसिक तनाव में हैं।
ज्ञापन में - (1) गरीब व्यापारियों को शांतिपूर्ण ढंग से व्यापार करने हेतु सुरक्षा प्रदान करने, (2) पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर प्रताड़ित करने वाले लोगों को पाबंद किये जाने एवं (3) वर्षों से लग रहे हाट बाजार को यथावत रखने की अनुमति दी जाने की मांग की गई।
समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और उनकी रोजी-रोटी सुरक्षित नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन एवं भूख हड़ताल को मजबूर होंगे।
इस दौरान एडवोकेट कन्हैया लाल रेगर, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष भीलवाड़ा, शंकर मेघवंशी, रतन नाथ, राजू वागरी, राजू वशिटा, नीरज मल्होत्रा सहित सभी कांग्रेस जन उपस्थित रहे।
