भागवत समरसता भक्ति का महाकुंभ कल से, नौगांवा में 501 मंगल कलशों के साथ सजेगी भागवत की दिव्य चौकी

भागवत समरसता भक्ति का महाकुंभ कल से, नौगांवा में 501 मंगल कलशों के साथ सजेगी भागवत की दिव्य चौकी
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भीलवाड़ा । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में धर्मनगरी भीलवाड़ा की धरा पर एक बार फिर भक्ति, शक्ति और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम होने जा रहा है। श्री सांवरिया सेठ मंदिर ट्रस्ट नौगांवा के सान्निध्य में आगामी 27 मार्च से माधव गो विज्ञान अनुसंधान संस्थान (माधव गौशाला) में सात दिवसीय 'भागवत समरसता महोत्सव' का शंखनाद होगा। आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महोत्सव का श्रीगणेश 501 सौभाग्यवती महिलाओं द्वारा उठाए गए मंगल कलशों और पारंपरिक लवाजमे के साथ होगा।

महोत्सव की शुरुआत 27 मार्च को सुबह 11 बजे चारभुजा मंदिर, नौगांवा से निकलने वाली ऐतिहासिक शोभायात्रा से होगी। इस यात्रा में राजस्थानी संस्कृति के रंग निखरेंगे। जहाँ 501 महिलाएं चूँदड़ वस्त्रों में मंगल कलश धारण करेंगी, वहीं पुरुष वर्ग सफेद धोती-कुर्ता और पारंपरिक पगड़ी में मर्यादा का परिचय देंगे। गजराज, अश्व और ऊंटों के साथ बैंड-बाजे की धुन पर ठाकुरजी का रथ निकलेगा। बग्गी में विराजित महाराज श्री भक्तों को आशीर्वाद देंगे। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की राह सुगम करने के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों (सांगानेर, शास्त्री नगर, रामधाम आदि) से लेकर दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों (कोटड़ी, माण्डल, हमीरगढ़ आदि) तक विशेष बसें संचालित की जाएंगी। यदि किसी शहरी क्षेत्र में 25-30 या ग्रामीण क्षेत्र में 50-60 श्रद्धालु एकत्रित होते हैं, तो समिति द्वारा वहां नया पिक-अप पॉइंट बनाया जाएगा। इसके लिए सूची बनाकर मोबाइल नंबर 94134-30600 पर संपर्क किया जा सकता है।

कार्यक्रम की मुख्य रूपरेखा

भंवरलाल दरगड व मधुसूदन बहेडिया ने बताया कि अनुष्ठान: प्रातः 8:00 बजे (नवग्रह पूजन एवं दुर्गा सप्तशती पाठ), शोभायात्रा: प्रातः 11:00 बजे (चारभुजा मंदिर से प्रस्थान) कथा अमृतपान: दोपहर 1:00 बजे से निरंतर परिवहन समय: 27 मार्च को सुबह 9:00 बजे, शेष दिन सुबह 11:00 बजे बसें प्रस्थान करेंगी। कार्यक्रम संयोजक मनीष बहेड़िया एवं सोहनलाल गहलोत ने बताया कि कथा स्थल पर भक्तों की सुविधा के लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कलश सज्जा की कमान माँ भारती समूह की अल्का जोशी व मंजू तंबोली संभाल रही हैं। सांवरिया सेठ का श्रृंगार प्रतिदिन कथा में होने वाले प्रसंग के आधार पर किया जाएगा।

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