राजस्थानी ग़ज़ल संग्रह ‘दिवा बाती’ का हुआ विमोचन

राजस्थानी ग़ज़ल संग्रह ‘दिवा बाती’ का हुआ  विमोचन
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भीलवाड़ा. राजस्थानी साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जयप्रकाश भाटिया 'सागर' के राजस्थानी ग़ज़ल संग्रह ‘दिवा बाती’ का विमोचन समारोह वरिष्ठ नागरिक मंच के भवन में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। यह जयप्रकाश भाटिया की दूसरी पुस्तक तथा राजस्थानी भाषा में उनकी पहली कृति है।

लेखक भाटिया ने बैंक सेवा से सेवानिवृत्ति के पश्चात एलएलबी एवं तत्पश्चात राजस्थानी में एमए किया। इस शैक्षणिक यात्रा तथा एमए राजस्थानी में मेरिट में आने वाली धर्मपत्नी चित्रा भाटिया से उन्हें राजस्थानी भाषा में ग़ज़ल लेखन की प्रेरणा मिली। उनकी ग़ज़लों में लोकसंवेदना, सामाजिक यथार्थ और मानवीय भावनाओं का सशक्त चित्रण देखने को मिलता है।

समारोह के दौरान जयप्रकाश भाटिया सहित अन्य साहित्यकारों ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम साहित्यिक सौहार्द, संवाद और रचनात्मक ऊर्जा के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

समीक्षक सतीश कुमार व्यास ‘आस’ ने पुस्तक की समीक्षा पढ़ी। समारोह में शाहपुरा से कवि सत्येंद्र मंडेला, प्रसिद्ध गीतकार राजेन्द्र गोपाल व्यास, कमलाकांत शर्मा, मांडलगढ़ के सुप्रसिद्ध राजस्थानी गीतकार मोहनपुरी, कार्टूनिस्ट एवं व्यंग्यकार केजी कदम, ओम उज्ज्वल, मुरलीधर व्यास, मूमल राजगोपाल, युगीन साहित्य प्रवाह संस्थान के संरक्षक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गोपाल लाल दाधीच एवं मास्टर ऑफ मास्टर्स योगेश दाधीच, भाटिया के पुत्र मुम्बई फ़िल्म इंडस्ट्री में निर्देशक तुषार भाटिया, पुत्री लेखिका नेहा चन्द्रदीप सहित अनेक वरिष्ठ साहित्यकारों ने सहभागिता की। साहित्यकारों ने भाटिया का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन सुनील डिडवानिया ने प्रभावशाली ढंग से किया।

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