दुनिया के रिश्ते फीके पड़ जाते है। जब कोई नहीं आता जब मेरे श्याम आते हैं

भीलवाड़ा (रमेश चंद्र डाड)श्रीमद् भागवत कथा 11 से 17 मार्च तक ऋष्य श्रृंग संस्थान, हरणी महादेव रोड, भीलवाड़ा में कथावाचक ने दुनिया के रिश्ते फीके पड़ जाते है। जब कोई नहीं आता जब मेरे श्याम आते हैं। मनुष्य को जीवन सफल बनाना है तो प्रभु में मन लगाओ तो जीवन आनन्दित हो जाता हैं।
तीसरे दिन कथावाचक भगवतीकृष्ण महाराज ने वाचन में बताया कि मनुष्य अपने मन को ईश्वर से जोड़ लो सब काम होते चले जायेंगे। मीरा बाई की कृष्ण भक्ति पर कई सवाल उठे लेकिन उसने हार नहीं मानी। इस पर राणा ने कहा पत्थर न पूज्यों यह बोल्यो राणो, श्याम से मिलादे तोही सांची प्रीत जाणो। मीरा की भक्ति से भक्त व भगवान के सच्चे प्रेम को अंगीकार किया है। कथावाचक भगवतीकृष्ण महाराज ने कहा कि मनुष्य को माता - पिता, डॉक्टर - वैद्य, गुरु तीनों से कभी भेद नहीं छुपाना चाहिए यही हमारे तारक है। मनुष्य को जब भी अच्छा करने का मन में आए तो योजना के भवर में मत उलझना, फट से उस काम को कर डालना क्योंकि स्वयं प्रभु वह काम आपसे करना चाह रहे हैं।
विशेष अनुग्रह अरुणा पारीक (धर्मपत्नी) आयोजक हर्षवर्धन, प्रहलाद, बालमुकुंद, बालस्वरूप, रविशंकर, विवेक पारीक एवं समस्त पारीक परिवार (खजूरी वाले) भीलवाड़ा ने बताया कि स्व. जगदीश प्रसाद पारीक की पावन पुण्य स्मृति में मेवाड़ धरा के सुप्रसिद्ध अथर्ववेदाचार्य श्रद्धेय कथावाचक भगवती कृष्ण महाराज के मुखारविंद द्वारा पितृ मोक्षदायिनी श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जो 17 मार्च मंगलवार तक ऋष्य श्रृंग संस्थान, हरणी महादेव रोड शास्त्रीनगर भीलवाड़ा में मध्यान्ह 12:15 बजे से 4:15 बजे तक की जाएगी।
श्रीमद् भागवत कथा के लिए पारीक परिवार द्वारा अधिक से अधिक कथा श्रवण करने भक्तों को पहुंचने का आव्हान किया जा रहा है। शंकर लाल पारीक महेशपुरा ने बीरा मारा कह दो साँची बात, पावणा कुनक आयो सा ने भावविभोर कर दिया। जिला पारीक परिषद् भीलवाड़ा अध्यक्ष भेरू लाल पारीक सहित पधारे कार्यकारिणी सदस्यों का व्यासपीठ से सम्मान किया गया।
