तिलस्वां महादेव: असाध्य रोगों की मुक्ति का धाम, आस्था के केंद्र पर विकास की राह में रोड़े
भीलवाड़ा/बिजौलियां। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से सटा और चित्तौड़गढ़ सीमा पर स्थित तिलस्वां महादेव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश-दुनिया के लाखों भक्तों के लिए अटूट विश्वास और स्वास्थ्य लाभ का केंद्र है। चित्तौड़गढ़-कोटा हाईवे से मात्र 8 किलोमीटर दूर स्थित हजारों साल पुराने इस शिवालय की महिमा ऐसी है कि यहाँ 'कुंड' के पवित्र जल में स्नान मात्र से जटिल से जटिल बीमारियां दूर होने का दावा किया जाता है।
चर्म रोग और कैंसर तक का उपचार
मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ का प्राचीन जल कुंड है। मान्यता है कि इस कुंड के जल में औषधीय गुण और भगवान शिव का आशीर्वाद समाहित है। यहाँ आने वाले भक्तों का कहना है कि कुष्ठ रोग (लेप्रसी), सफेद दाग, चर्म रोग और यहाँ तक कि कैंसर जैसी असाध्य बीमारियों से पीड़ित लोग यहाँ आकर स्वास्थ्य लाभ पाते हैं। मंदिर के पुजारी सांवरिया पाराशर के अनुसार, जो भक्त पूर्ण आस्था के साथ यहाँ रुकते हैं, उन्हें 'भगवान की कली' कहा जाता है।
एक महिला श्रद्धालु राम कैलाश ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह दो साल तक चलने-फिरने में असमर्थ थी, लेकिन यहाँ छह माह तक रहकर महादेव की शरण में आने के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर स्वयं चल सकती है।
अटूट लंगर और सेवा का प्रकल्प
मंदिर ट्रस्ट के मांगीलाल धाकड़ ने बताया कि यहाँ आने वाले हजारों भक्तों के लिए प्रतिदिन सुबह-शाम निशुल्क लंगर की व्यवस्था रहती है। दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के ठहरने और भोजन का पूरा जिम्मा ट्रस्ट उठाता है। मंदिर का योगदान न केवल आध्यात्मिक क्षेत्र में है, बल्कि कस्बे के विकास और सामाजिक सरोकारों में भी ट्रस्ट अग्रणी रहता है।
विकास कार्य में बाधा और गंभीर आरोप
इतनी बड़ी आस्था के केंद्र होने के बावजूद, पिछले दो वर्षों से यहाँ के विकास कार्यों पर ग्रहण लगा हुआ है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने भारी मन से आरोप लगाया है कि कुछ स्थानीय लोग और प्रभावशाली तत्व मंदिर के विकास की राह में बाधा बन रहे हैं।
* झूठे आरोप: पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें झूठी शिकायतों में उलझाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
* मिलीभगत के आरोप: ट्रस्ट ने सीधे तौर पर कुछ राजनेताओं और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनकी शह पर विकास कार्यों को रोका जा रहा है और ट्रस्ट की छवि धूमिल करने के प्रयास हो रहे हैं।
तिलस्वां महादेव की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां:
* ऐतिहासिक महत्व: मंदिर की स्थापत्य कला पूर्व-मध्यकालीन शैली की है, जो अपनी नक्काशीदार मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है।
* महाशिवरात्रि मेला: प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर यहाँ विशाल मेला भरता है, जिसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं।
* प्राकृतिक सौंदर्य: अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित होने के कारण यह पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल पर अपनी खबर देने के लिए संपर्क करें:
समाचार: प्रेम कुमार गढवाल 9413376078 (Email: [email protected], व्हाट्सएप: 9829041455)
विज्ञापन: विजय गढवाल 6377364129
संपर्क कार्यालय: भीलवाड़ा हलचल, कलेक्ट्री रोड, नई शाम की सब्जी मंडी, भीलवाड़ा फोन: 7737741455.
