श्री सिद्धि विनायक हॉस्पिटल में आधुनिक लेजर तकनीक से बिना चीरा पथरी का इलाज शुरू

भीलवाड़ा। शहर के चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। श्री सिद्धि विनायक हॉस्पिटल में अब 60 वॉट थुलियम लेजर (60 Watt Thulium Laser) तकनीक के माध्यम से बिना चीरा लगाए पथरी का सफल इलाज किया जा रहा है।
यूरोलॉजिस्ट एवं एंड्रोलॉजिस्ट डॉ. द्रोण शर्मा द्वारा दी जा रही इस सुविधा से मरीजों को किडनी, यूरेटर और ब्लैडर स्टोन के लिए अब बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
आधुनिक तकनीक के मुख्य लाभ
बिना चीरा सर्जरी: लेजर तकनीक के प्रयोग से शरीर पर कोई घाव या चीरा नहीं आता।
कम दर्द और जल्द रिकवरी: पारंपरिक सर्जरी की तुलना में मरीज को दर्द बहुत कम होता है और वह तेजी से स्वस्थ होकर घर लौट सकता है।
उन्नत सुविधाएं: अस्पताल में एंडोयूरोलॉजी, यूरोफ्लोमेट्री और यूरोडायनामिक्स जैसी जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
प्रोस्टेट और कैंसर का भी सफल उपचार
डॉ. शर्मा ने बताया कि अस्पताल में प्रोस्टेट से संबंधित समस्याओं (जैसे बार-बार पेशाब आना, रात में उठना या पेशाब में रुकावट) के लिए आधुनिक बायपोलर एवं थंडरबीट तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा, यूरो-ऑन्कोलॉजी के तहत किडनी, ब्लैडर, प्रोस्टेट और टेस्टिस कैंसर की समय पर पहचान और सर्जरी द्वारा उपचार किया जा रहा है।
अनुभवी विशेषज्ञ की सेवाएं
डॉ. द्रोण शर्मा इससे पूर्व देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे सर गंगाराम अस्पताल (नई दिल्ली), सवाई मान सिंह चिकित्सालय (जयपुर) और रामैया मेमोरियल अस्पताल (बेंगलुरु) में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। स्थानीय स्तर पर इन सुविधाओं के शुरू होने से भीलवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अपने ही शहर में विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
