मौसम अनुकूलित कृषि उद्यानिकी पद्धति कृषि उत्पादन लाने में सर्वधि उपयोगी तकनीक

मौसम अनुकूलित कृषि उद्यानिकी पद्धति कृषि उत्पादन लाने में सर्वधि उपयोगी तकनीक

भीलवाड़ा। बारानी कृषि अनुसंधान केन्द्र, आरजिया, भीलवाड़ा पर अखिल भारतीय समन्वित बारानी कृषि अनुसंधान परियोजना जो क्रीडा, हैदराबाद द्वारा संचालित है के अंतर्गत पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली विषय पर एक दिवसीय कृषक जागरूकता शिविर का आयोजन गांव दगोलिया खेड़ा पर सुरेश चंद्र जाट के खेत पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 41 कृषको ने हिस्सा लिया।

इस अवसर पर केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ ललित छाता ने वर्तमान में बदलते जलवायु परिवेश में पर्यावरण में बदलाव के कारण कृषि उत्पादन में अस्थिरता पर चिंता व्यक्त की एवं किसानों से आवाहन किया कि उत्पादन में स्थायित्वता लाने के लिए परंपरागत खेती में बदलाव लाना पड़ेगा, इसके लिए काम अवधि में पकने वाली अधिक उपज देने वाली व सुखा सहन करने वाली किस्मों का चयन करें, जैविक खेती को अपनाएं। इन तकनीकों को अपनाने पर बदलते जलवायू परिवेश में पर्यावरण को सुरक्षित एवं महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

डॉ जे के बालियान परियोजना प्रभारी ने अनुपयोगी पड़त कृषि भूमियों पर बदलते जलवायु परिवेश में जलवायु अनुकूलित कृषि उद्यानिकी पद्धति अपनाने पर जोर दिया, इसके अंतर्गत बारानी क्षेत्रों में बेर, आंवला, सीताफल, चीकू इत्यादि फल वृक्षों के साथ फल वृक्षों की दो लाइनों के बीच खाली जगह में उड़द, मूंग मूंगफली फसले खरीफ में व चना, तारामीरा फसलें रबी में बौने की आवश्कता पर विस्तृत जानकारी दी, साथ ही श्री सुरेश चंद्र जी द्वारा अपनाई कृषि उद्यानिकी का कृषको को भ्रमण कराया साथ ही फलौद्यान को लगाने की विधि को विस्तृत रूप से समझाया। परियोजना के वरिष्ठ अनुसंधान अधेयता डॉ हितेश मुवाल ने बारानी क्षेत्रों के लिए फल वृक्ष की उन्नत किस्मों तथा खरीफ व रबी में उगायी जाने वाली फसलों की नवीनतम किस्मों की जानकारी भी दी। सफल फसल उत्पादन कर अधिकतम लाभ कमाने की विस्तृत जानकारी दी। अंत में गांव के उन्नतशील किसान श्री सुरेश चंद्र जाट ने बताया की उन्नत तकनीकी से लगाए कृषि उद्यानिकी पद्धति से वह विपरीत जलवायु में भी प्रति वर्ष करीब दो लाख शुद्ध आमदनी प्राप्त कर रहा है।उन्होंने बारानी कृषि अनुसंधान परियोजना द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में उपस्थित सभी किसानों को इस अभियान को सफल बनाने का आवाहन किया एवं धन्यावाद दिया।

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