परोपकार की भावना से जीव का कल्याण संभव: स्वामी अच्युतानंद

भीलवाड़ा, । श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट द्वारा हमीरगढ़ रोड स्थित रामधाम में आयोजित चातुर्मास प्रवचन में शुक्रवार को केदारखण्ड, अगस्त्य मुनि आश्रम से पधारे स्वामी अच्युतानंद ने अपने आशीर्वचनों से भक्तों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने अपने प्रवचन में परोपकार की महत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि निस्वार्थ सेवा और परोपकार की भावना से ही मनुष्य का ही नहीं, अपितु समस्त जीव जगत का कल्याण संभव है।

स्वामी अच्युतानंद ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परोपकार को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारे धर्मग्रंथों में 'परोपकाराय पुण्याय, पापाय परपीड़नम्' कहकर परोपकार को पुण्य का सबसे बड़ा साधन बताया गया है। उन्होंने समझाया कि जब हम दूसरों के सुख-दुख में सहभागी बनते हैं, उनकी सहायता करते हैं, तो वास्तव में हम अपने भीतर की मानवीयता को जागृत करते हैं। यह केवल किसी और का भला करना नहीं है, बल्कि स्वयं को आंतरिक शांति और संतोष की अनुभूति कराना भी है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रकृति हमें परोपकार का सर्वोत्तम संदेश देती है। नदियां अपना पानी स्वयं नहीं पीतीं, वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते, और बादल स्वयं पर नहीं बरसते। ये सब दूसरों के कल्याण के लिए ही समर्पित हैं। इसी प्रकार, मनुष्य को भी अपनी क्षमताओं, ज्ञान और संसाधनों का उपयोग केवल अपने स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज और अन्य जीवों के हित के लिए करना चाहिए। स्वामी जी ने जोर दिया कि आज के भौतिकवादी युग में जहां हर व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत उन्नति और सुख-सुविधाओं के पीछे भाग रहा है, वहां परोपकार की भावना का क्षरण हो रहा है। ऐसे में हमें अपनी नैतिक जड़ों की ओर लौटना होगा और दूसरों के प्रति दया, करुणा और सेवा का भाव विकसित करना होगा।

ट्रस्ट के सचिव अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि चातुर्मास प्रवचन का यह आध्यात्मिक आयोजन प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रामधाम में हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित होकर धर्मलाभ ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त, श्रावण मास के पावन अवसर पर शिवालय में भी विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह और शाम भगवान शिव का अभिषेक और श्रृंगार किया जा रहा है, जिससे रामधाम का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

शुक्रवार को शिवालय में भगवान शिव का दूध से विशेष अभिषेक रामेश्वर लाल काबरा, उनकी धर्मपत्नी गीता काबरा और पुत्रवधू हीना द्वारा सपत्नीक कराया गया। शाम को शिव दयाल अरोड़ा व्य मदनलाल शर्मा ने श्रृंगार किया। ट्रस्ट के सचिव अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा साप्ताहिक रामायण का पाठ रविवार को दोपहर 3 से शाम 5.30 बजे तक भोपालगंज लक्ष्मीनारायण मंदिर में होगा। पाठ प्रभारी शिव प्रकाश लाठी ने आयोजन में श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। 29 व 30 जुलाई को तुलसीदास जयंती मनाई जाएगी।

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