गोबर के कंडों से जलाएंगे होली, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

पुर उपनगर पुर आचार्य समाज की ओर से वर्षों से आचार्यों की हथाई के पास सांप्रदायिक सद्भावना के तहत होलिका दहन कर होली का त्यौहार मनाया जाता है।
हरे वृक्षों की कटाई के कारण बढ़ते प्रदूषण के मध्य नजर पिछले वर्ष की भांति इस बार भी गोबर के कडों से बनी होली जलाने का निर्णय आचार्य समाज के समाज बंधुओ भेरूलाल आचार्य, संपत आचार्य, प्रेम शंकर आचार्य, कालू लाल आचार्य, नारायण लाल आचार्य, सत्यनारायण आचार्य, अर्जुन आचार्य, गोविंद आचार्य,द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन के जिला अध्यक्ष रतनलाल आचार्य के नेतृत्व में लिया गया।
समाज द्वारा होलिका दहन में रबर के टायर, हरे वृक्ष, तथा पर्यावरण को दूषित करने वाली सामग्री का प्रयोग नहीं करने का निर्णय लिया गया।
तथा असामाजिक, शरारती तत्वों द्वारा सांप्रदायिक सद्भावना बिगाड़ने, आसपास के मकान में नुकसान पहुंचाने की नीयत से माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रशासन को अवगत करवा पाबंद करवाने का निर्णय लिया गया।
