श्रम संहिताओं के विरोध में श्रमिकों ने मनाया 'काला दिवस', फूंका प्रधानमंत्री का पुतला

भीलवाड़ा। केंद्र सरकार की 4 नई श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के विरोध में 1 अप्रैल को अखिल भारतीय संयुक्त श्रमिक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर जिले भर के विभिन्न श्रमिक संगठनों ने 'काला दिवस' मनाया। इस दौरान आक्रोशित श्रमिकों ने मुखर्जी पार्क से एक विशाल रैली निकाली और जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला व नए कानूनों की प्रतियां जलाईं।
प्रदर्शनकारी श्रमिकों का आरोप है कि केंद्र सरकार पूर्व के श्रम कानूनों को खत्म कर पूंजीपति मालिकों को लाभ पहुंचाना चाहती है। प्रदर्शन के पश्चात जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें इन चारों लेबर कोड को तुरंत खारिज करने की मांग की गई है।
इस विरोध प्रदर्शन में सीटू के प्रदेश सदस्य ओमप्रकाश देवानी, इंटक जिलाध्यक्ष दीपक व्यास, कान सिंह, सत्यनारायण सेन, एटक जिला सचिव ओम प्रकाश शर्मा, भवानी सिंह, सरवर खान, मनोहर लाल शर्मा, जिला बिल्डिंग वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष जोहर बानो, विमला बिश्नोई, राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद की जिलाध्यक्ष अनीता कंवर, सरिता देवी, सत्तु बुनकर और भीलवाड़ा सिंथेटिक यूनियन के अशफाक हुसैन, गौरी शंकर समेत कई संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। साथ ही मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के रामेश्वर लाल जाट (यूनिट सेक्रेटरी), कपिल वर्मा (कोषाध्यक्ष), महावीर पांडे (स्टेट कमेटी मेंबर) सहित रूपेश साहू, कुलदीप सिंह व अन्य सैकड़ों श्रमिकों ने नारेबाजी कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
