विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ाने के लिए योग और साधना आवश्यक: संत किशनलाल

विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ाने के लिए योग और साधना आवश्यक: संत किशनलाल
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गंगापुर( दिनेश लक्षकार) |कस्बे में स्थित आलोक विद्या मंदिर गंगापुर में सद्गुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान के राष्ट्रीय संत किशन लाल द्वारा छात्र-छात्राओं को मनोनिग्रह की क्रियात्मक साधना पद्धति का व्यावहारिक अभ्यास करवाया गया।संत किशन लाल ने बताया कि विहंगम योग की साधना से मन की एकाग्रता बढ़ती है तथा मानसिक तनाव, डिप्रेशन, ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं में कमी आती है। यह प्राचीन योग पद्धति आत्मिक शांति और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है।कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को स्वर्वेद ग्रंथ भेंट किया गया तथा उन्हें 14 एवं 15 फरवरी

शनिवार ,रविवार को गंगापुर नगर में आयोजित होने वाले 2100 कुण्डीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की गई। यह महायज्ञ विहंगम योग संस्थान द्वारा मेवाड़ क्षेत्र में पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विश्व कल्याण, मानसिक शांति एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक आहुतियां दी जाएंगी।इस अवसर पर संस्था के निदेशक दिनेश लक्षकार रमेश शर्मा ,प्रदीप माली ,अनिल गर्ग, सीमा कंवर , कृष्णा माली,राजकुमार तेली सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।यह कार्यक्रम विद्यालय के छात्र-छात्राओं में आध्यात्मिक जागरूकता एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।

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