शेयर बाजार में मजबूती, सेंसेक्स 573 अंक उछला, निफ्टी 26300 के पार

शेयर बाजार में मजबूती, सेंसेक्स 573 अंक उछला, निफ्टी 26300 के पार
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भारतीय शेयर बाजार ने साल के शुरुआती कारोबारी सत्रों में अपनी मजबूती का परिचय देते हुए शुक्रवार को एक नया इतिहास रच दिया। बैंकिंग, पावर और मेटल शेयरों में हुई चौतरफा खरीदारी के दम पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, बीएसई सेंसेक्स में भी 500 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

शुक्रवार को कारोबार के दौरान निफ्टी ने 26,340 अंक का नया इंट्रा-डे रिकॉर्ड बनाया। अंततः यह 182 अंक या 0.70 प्रतिशत की तेजी के साथ 26,328.55 पर बंद हुआ। दूसरी ओर, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 573.41 अंक या 0.67 प्रतिशत उछलकर 85,762.01 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 85,812.27 का उच्च स्तर भी छुआ था। रुपया 90 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया। रुपया डॉलर के मुकाबले 22 पैसे गिरकर 90.20 (अस्थायी) पर स्थिर रहा।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एशियाई बाजारों में आई तेजी और घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही पूंजी की आमद ने बाजार को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में मदद की। सेंसेक्स की कंपनियों में एनटीपीसी, ट्रेंट , बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स प्रमुख रहे।

बाजार की इस तेजी के बावजूद आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल के शेयरों में दबाव देखा गया और ये नुकसान के साथ बंद हुए। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, संस्थागत निवेशकों की गतिविधि में भिन्नता देखी गई। गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,268.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा देते हुए 1,525.89 करोड़ रुपये की खरीदारी की। स्थानीय निवेशकों का यही भरोसा बाजार को वैश्विक अस्थिरता के बीच मजबूती प्रदान कर रहा है।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक उल्लेखनीय तेजी के साथ बंद हुए। हालांकि, चीन और जापान के बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे। यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखा गया, जबकि अमेरिकी बाजार नए साल की छुट्टी के कारण गुरुवार को बंद थे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 0.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 60.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में यह नरमी भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

गुरुवार को मामूली बढ़त के बाद शुक्रवार की यह रिकॉर्ड तेजी दर्शाती है कि बाजार में 'बुलिश' ट्रेंड अभी बरकरार है। निफ्टी का 26,300 के पार निकलना तकनीकी रूप से मजबूत संकेत है। आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और तिमाही नतीजों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।

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