शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1066 अंक लुढ़का, निफ्टी 25300 से नीचे

नई दिल्ली| हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक और निफ्टी में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट की दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1065.71 अंक या 1.28 प्रतिशत गिरकर 82,180.47 अंक पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 353.00 अंक या 1.38 प्रतिशत गिरकर 25,232.50 पर बंद हुआ।
विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने से शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई।
राजनीतिक तनावों और विदेशी निवेश्कों की बिकवाली का दिखा असर
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली और रुपये की निरंतर कमजोरी से घरेलू शेयरों में आत्मविश्वास पर दबाव पड़ रहा है और अल्पकालिक सुधार के दौरान भी इनमें किसी भी महत्वपूर्ण तेजी की संभावना सीमित है। घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार खरीदारी एक प्रमुख स्टेबलाइजर के रूप में काम कर रही है, जो बिकवाली के दबाव को कम कर रही है और बाजार में और अधिक गिरावट को रोकने में मदद कर रही है।
शेयर बाजार में गिरावट के 10 मुख्य कारण क्या हैं?
शेयर बाजार में आज आई तेज गिरावट के पीछे कई अहम वजहें रहीं, जिनका सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा। इन्हें इस तरह भी समझा जा सकता है,
1. व्यापार युद्ध की बढ़ती चिंता
अमेरिका की टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-यूरोप के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव ने वैश्विक बाजारों में बेचैनी बढ़ा दी।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एक ही दिन में 3,262 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की। यह लगातार दसवां सत्र रहा जब एफआईआई बाजार से बाहर निकले।
3. तीसरी तिमाही के कमजोर नतीजे
विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के निराशाजनक नतीजों और कमजोर आउटलुक ने आईटी शेयरों पर दबाव बनाया। शुरुआती तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।
4. वैश्विक बाजार से नकारात्मक संकेत
एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में 1% से ज्यादा की गिरावट ने घरेलू निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया।
5. इंडिया VIX में तेजी
बाजार की अस्थिरता दिखाने वाला इंडिया VIX 4% से अधिक चढ़कर 12.34 पर पहुंच गया, जो बढ़ते डर और अनिश्चितता का संकेत है। इंडिया VIX एक मार्केट इंडिकेटर है जो अगले 30 दिनों में निफ्टी 50 इंडेक्स की अपेक्षित अस्थिरता को मापता है।
6. रुपये पर दबाव
डॉलर की मजबूत मांग और विदेशी पूंजी के बाहर जाने से रुपया 8 पैसे टूटकर 90.98 के स्तर पर आ गया।
7. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी
ब्रेंट क्रूड 0.11% चढ़कर 64.01 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जिससे महंगाई और सरकारी खर्च को लेकर चिंता बढ़ी।
8. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी अनिश्चितता
डोनाल्ड ट्रंप कार्यकाल के टैरिफ से जुड़े संभावित फैसले को लेकर निवेशक सतर्क नजर आए, जिससे बाजार में स्पष्ट दिशा नहीं बन पाई।
9. निफ्टी की साप्ताहिक एक्सपायरी का असर
मंगलवार को वीकली एक्सपायरी के चलते बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
10. पीएसयू बैंक शेयरों में बिकवाली
सरकारी बैंकों के शेयरों पर दबाव रहा और पीएसयू बैंक इंडेक्स 1% से ज्यादा लुढ़क गया, जिसने बाजार की गिरावट को और गहरा किया।
