ट्रंप की 'टैरिफ गन' से भारतीय बाजार घायल:: 500% टैक्स की धमकी से सेंसेक्स 780 अंक टूटा, निवेशकों के 8 लाख करोड़ डूबे

500% टैक्स की धमकी से सेंसेक्स 780 अंक टूटा, निवेशकों के 8 लाख करोड़ डूबे
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मुंबई/नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक नई और सख्त व्यापारिक धमकी ने भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। रूस से तेल खरीदने को लेकर ट्रंप द्वारा भारत पर 500 प्रतिशत तक का भारी-भरकम टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की चेतावनी के बाद गुरुवार को दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार मच गया। लगातार चौथे दिन बाजार में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को एक ही झटके में करीब 8 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ा।

शेयर बाजार का लेखा-जोखा: चौतरफा बिकवाली

गुरुवार को बाजार खुलते ही बिकवाली का दौर शुरू हुआ जो बंद होने तक जारी रहा।

सेंसेक्स: 0.92% या 780 अंक लुढ़ककर 84,180 के स्तर पर बंद हुआ।

निफ्टी: 1.01% या 264 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 25,876 पर आ गया।

4 दिन का कोहराम: पिछले चार सत्रों में सेंसेक्स कुल 1,600 से ज्यादा अंक और निफ्टी 400 अंक से अधिक टूट चुका है।

क्यों डरा हुआ है बाजार?

बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका में प्रस्तावित 'सेंक्शनिंग रशिया एक्ट-2025' है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना समर्थन दिया है। इस बिल के तहत उन देशों पर 500% तक टैरिफ लगाया जा सकता है जो रूस से तेल या ऊर्जा उत्पाद खरीदना जारी रखते हैं। भारत रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार है, ऐसे में निवेशकों को डर है कि अगर यह कानून लागू हुआ तो भारतीय निर्यात और अर्थव्यवस्था को भारी झटका लगेगा।

सेक्टरों का हाल: मेटल और एक्सपोर्ट शेयरों में सबसे ज्यादा मार

ट्रंप की धमकी का असर सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रहा। वैश्विक व्यापार में बाधा आने की आशंका से मेटल इंडेक्स 3% से ज्यादा गिर गया। इसके अलावा, अमेरिका पर निर्भर रहने वाले आईटी, टेक्सटाइल और फूड एक्सपोर्ट (जैसे झींगा मछली) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी भारी गिरावट देखी गई। हालांकि, भारी गिरावट के बीच ICICI बैंक जैसे कुछ चुनिंदा शेयर हरे निशान में बने रहे।

विदेशी निवेशकों (FIIs) का पलायन

बाजार में गिरावट का एक और बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली है। जनवरी के पहले हफ्ते में ही विदेशी निवेशकों ने करोड़ों रुपये बाजार से निकाल लिए हैं, जिससे घरेलू निवेशकों का मनोबल कमजोर हुआ है।"बाजार ट्रंप के ट्वीट्स और बयानों पर तत्काल प्रतिक्रिया दे रहा है। अगर अमेरिका की ओर से टैरिफ को लेकर कोई कड़ा कदम उठाया जाता है, तो बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है।" — बाजार विशेषज्ञ

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