शीर्ष मादक पदार्थ तस्कर कंवरलाल अस्पताल में इलाज के दौरान गिरफ्तार

उदयपुर। राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एएनटीएफ ने अपनी 25वीं बड़ी कार्रवाई में राज्य के टॉप 25 कुख्यात मादक पदार्थ तस्करों में शामिल कंवरलाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले चार वर्षों से एनडीपीएस एक्ट के मामलों में फरार चल रहा था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक सौदे के दौरान कंवरलाल की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिससे उसके पैरों में गंभीर चोट आई। इलाज से बचने और पहचान छुपाने के लिए वह उदयपुर के एक निजी अस्पताल में दिनेश नाम से भर्ती होकर उपचार करवा रहा था। एएनटीएफ को जैसे ही इसकी भनक लगी, टीम ने उदयपुर और चित्तौड़गढ़ के प्रमुख अस्पतालों पर निगरानी शुरू कर दी। एम्बुलेंस से जुड़े इनपुट जुटाने के बाद टीम ने अस्पताल में दबिश दी और इलाज के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कंवरलाल चित्तौड़गढ़ जिले के निकुंभ थाना क्षेत्र के सांगरिया गांव का निवासी है। पढ़ाई में कमजोर रहने के कारण वह आठवीं कक्षा में ही फेल हो गया था और इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। पिता ने उसे खेती से जोड़ने की कोशिश की, लेकिन वहां मन नहीं लगा। इसके बाद उसने एसटीडी बूथ खोला और काम की तलाश में महाराष्ट्र चला गया। वहां होटल में वेटर के रूप में काम करते हुए उसने नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की चमक-दमक देखी, जिसने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
गांव लौटने के बाद उसने अफीम और डोडा चूरा की तस्करी शुरू की और धीरे-धीरे मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्र में एक बड़ा नाम बन गया। वह मध्य प्रदेश के नीमच और मंदसौर इलाकों से मादक पदार्थ मंगवाकर राजस्थान के निकुंभ क्षेत्र में जमा करता था। उसके ठिकाने से कई छोटे तस्कर माल उठाते थे। उसने अपने परिवार के कुछ सदस्यों को भी इस अवैध धंधे में शामिल कर लिया और कमीशन पर काम करवाता रहा।
पुलिस से बचने के लिए कंवरलाल ने खास रणनीति अपनाई थी। वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था, फर्जी नामों से पहचान छुपाता था और ग्राहकों को सीधे अपने ठिकाने पर नहीं बुलाता था। खुद गाड़ी चलाकर सौदे करने जाता था, जिससे पुलिस को उसकी गतिविधियों का सुराग न मिले।
इस कार्रवाई में एएनटीएफ मुख्यालय जयपुर, जालोर और उदयपुर की टीमों की अहम भूमिका रही। एटीएस और एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि ऑपरेशन मदरक्तिम के तहत की गई इस सफलता में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को एएनटीएफ मुख्यालय में सम्मानित किया जाएगा।
नशे के खिलाफ चल रही इस बड़ी कार्रवाई से साफ है कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून से बच नहीं सकते। ऐसी ही अहम खबरों से जुड़े रहने और भीलवाड़ा सहित आसपास की हर हलचल आप तक पहुंचाने के लिए भीलवाड़ा हलचल लगातार सक्रिय है
