माता-पिता से अलग रहने का दबाव 'क्रूरता', अदालत ने 32 साल पुराना रिश्ता तोड़ा

जयपुर (हलचल)। जयपुर के फैमिली कोर्ट-1 ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मानसिक और शारीरिक क्रूरता के आधार पर 32 साल पुरानी शादी को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पत्नी द्वारा पति पर माता-पिता से अलग रहने का दबाव बनाना, संपत्ति का लालच देना और झूठे मुकदमे दर्ज करना 'क्रूरता' की श्रेणी में आता है।
अक्टूबर 2017 से रह रहे थे अलग
मामले के अनुसार, सवाई माधोपुर निवासी युवक और मुंबई की युवती का विवाह 1994 में हुआ था। पति का आरोप था कि शादी के कुछ समय बाद ही पत्नी ने अलग रहने और संपत्ति के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था। बच्चों को जहर देने की धमकी से डरकर पति ने पैतृक संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी भी पत्नी को दे दी थी।
विरोधाभासी बयानों ने बिगाड़ा केस
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि पत्नी के बयानों में काफी विरोधाभास था। एक ओर उसने सास से मधुर संबंधों का दावा किया, वहीं दूसरी ओर घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज कराया। कोर्ट ने माना कि पिछले 8 साल से अलग रह रहे इस जोड़े के बीच अब वैवाहिक संबंध बहाल होने की गुंजाइश नहीं है।
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